शिमला। मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहाकार नरेश चौहान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं।
उन्होंने कहा कि 21 तारीख से तीन राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर व पंजाब के जिला अध्यक्ष यहां संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर विचार विमर्श करने के लिए जुटे हुए हैं। संगठन सृजन कार्यक्रम की शुरुआत कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी के आदेशों पर शुरू की थी।
नरेश चौहान ने कहा कि राहुल गांधी की सोच है कि हमने संगठन में जिला अध्यक्षों के तौर पर एक मजबूत स्तंभ पार्टी का, जिला के अंदर तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी के संगठन को एक दिशा देनी है और आगे बढ़ाना है, इस संदर्भ में अपने विचार व दिशा निर्देश देने के लिए राहुल गांधी इस कार्यक्रम में भाग लेने आज हिमाचल आये हैं।
नरेश चौहान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह मॉडल ही पूरे देश के लिए के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा स्ट्रक्चर तैयार करने के लिए जिला कांगड़ा में बहुत अच्छा आयोजन हुआ जिसमें प्रदेश प्रभारी व जनरल सेक्रेटरी रजनी पाटिल भी आती रही, मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी समय दिया और वेणुगोपाल, जो प्रदेश के दौरे पर थे, उन्होंने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हिमाचल प्रदेश को इस कार्य के लिए चुना गया और राहुल गांधी इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए खुद इसमें शरीक हुए।
पंचायत चुनाव को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि चुनावों का शेड्यूल जारी हो गया है और मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि अर्बन बॉडीज़ के चुनावों के लिए उम्मीदवार तय होने शुरू हो गए हैं और आज यह प्रोसेस पूरा हो जाएगा। धर्मशाला में ही पार्टी के नेताओं की मीटिंग इस संदर्भ में हुई थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी को साथ लेकर और सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में साढ़े तीन वर्षों में व्यवस्था परिवर्तन की सरकार ने जनहित में जो फैसले लिए हैं, उनको जनता के बीच रख कर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या शिक्षा का, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बात करें या और ग्रीन हिमाचल की, इन सबके सहित और भी बहुत सारे बड़े फैसले हुए हैं जो ज़मीनी स्तर पर दिखने शुरू हो गए हैं।
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए जो भी कदम उठाए गए थे उसके भी अच्छे परिणाम आने शुरू हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल के कार्यकाल में बहुत सी चुनौतियां सरकार के सामने थीं। आर्थिक दृष्टि से बहुत बड़ा चैलेंज था और 2023 व 2025 में प्राकृतिक आपदा का भी बड़े स्तर पर प्रदेश को सामना करना पड़ा।
