शिमला। मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में आज प्रदेश सचिवालय में जारी कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक में शिक्षा, परिवहन, बागवानी और शहरी विकास समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
पंचायत चुनावों के चलते प्रदेश में आचार संहिता लगी हुई है, इस कारण सरकार लोक लुभावन फैसलों से दूरी बनाए रख सकती है। पर उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासनिक और राजस्व से जुड़े कई निर्णय लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, सरकार वाहन पंजीकरण शुल्क बढ़ाने की तैयारी में है। परिवहन विभाग ने वाहन रजिस्ट्रेशन फीस को मौजूदा 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर अंतिम चर्चा के बाद फैसला लिया जा सकता है।
यदि इसे मंजूरी मिलती है तो सरकार की आय में बढ़ोतरी होगी, लेकिन दूसरी ओर नए वाहन खरीदने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और वाहनों की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
कैबिनेट बैठक में शिक्षा और बागवानी विभाग से जुड़े कई अहम प्रस्ताव भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। विभिन्न विभागों में भर्तियों को मंजूरी देने से संबंधित मामलों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। हालांकि आचार संहिता लागू होने के चलते इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय फिलहाल टलने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में हिमाचल के लिए अलग स्टेट बिल्डिंग कोड लागू करने के प्रस्ताव पर भी मंथन होगा। सरकार प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों, भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नया बिल्डिंग कोड तैयार करना चाहती है।
प्रस्तावित कोड में भूकंपरोधी निर्माण तकनीक, पहाड़ी ढलानों के अनुरूप भवन निर्माण, अवैध निर्माण पर सख्ती, ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा और वर्षा जल संचयन जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं।
इसके अलावा 13.79 किलोमीटर लंबे तारादेवी-शिमला रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा संभावित है। सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ऋण मंजूरी पर फैसला ले सकती है।
माना जा रहा है कि यह रोपवे प्रोजेक्ट शिमला शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
बताते चलें कि बैठक में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अलावा सभी मंत्री मौजूद हैं।
