हिमाचल के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से की भेंट, शिमला व अन्य शहरों के लिए बेंगलुरु मॉडल पर हुई चर्चा

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शिमला/ बेंगलुरु। देवभूमि हिमाचल प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और उसका आधुनिकीकरण करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से शिष्टाचार व आधिकारिक भेंट की।

मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ हुई इस भेंट के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने अंतर-राज्यीय विकास प्राथमिकताओं और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

साथ ही, उन्होंने हिमाचल प्रदेश की आगामी ढांचागत योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए उनका मार्गदर्शन और आशीर्वाद मांगा।

इसी क्रम में विक्रमादित्य सिंह और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री व शहरी विकास मंत्री डी के शिवकुमार के बीच एक विस्तृत नीतिगत बैठक संपन्न हुई।

दोनों नेताओं के पास अपने-अपने राज्यों के शहरी विकास का महत्वपूर्ण जिम्मा होने के कारण, बातचीत का मुख्य केंद्र आधुनिक समस्याओं के तकनीकी व स्थाई समाधानों पर केंद्रित रहा।

वार्ता के मुख्य बिंदु :

यातायात प्रबंधन : पहाड़ों और मैदानी शहरों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्मार्ट मोबिलिटी सॉल्यूशंस को लागू करना।

एकीकृत कमान केंद्र (Integrated Command Centers) : नागरिक सेवाओं की त्वरित डिलीवरी, आपातकालीन प्रबंधन और 24×7 शहर की सुरक्षा व निगरानी के लिए एक केंद्रीयकृत कमान केंद्र व्यवस्था का ढांचा तैयार करना।

स्मार्ट सिटी विकास (Smart City Development) : पर्यावरण के अनुकूल सतत विकास मॉडल, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे और नागरिकों के जीवन स्तर को आधुनिक बनाने वाली टिकाऊ परियोजनाओं का विस्तार।

अर्बन Challenge फंड प्रोग्राम (Urban Challenge Fund) : शहरी विकास से जुड़ी बड़ी पूंजीगत परियोजनाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नए वित्तीय मॉडलों पर अनुभव साझा करना।

बैठक के बाद विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शहरी विकास, बुनियादी सुधारों और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में कर्नाटक और विशेष रूप से बेंगलुरु शहर पूरे देश के लिए एक अग्रणी मिसाल है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिमाचल प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इस सफल मॉडल का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि बेंगलुरु के इस बेहतरीन विकास मॉडल की मुख्य कड़ियों को आवश्यक संशोधनों के साथ हिमाचल प्रदेश में भी दोहराया जाए, जिससे राज्य के शहरों को अधिक सुंदर, सुरक्षित, व्यवस्थित और स्मार्ट बनाया जा सके।

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