ठियोग। प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Govt. ITI), ठियोग, में आज RAMP योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश उद्यमिता विकास केंद्र (HPCED), उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से तथा द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी, पांवटा साहिब द्वारा द्वितीय जिला स्तरीय सेंसिटाइजेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) एवं स्थानीय युवाओं को उद्यमिता, स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा सूक्ष्म एवं लघु व्यवसायों के अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।
प्रतिभागियों को बताया गया कि वर्तमान समय में स्वरोजगार केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने का भी प्रभावी माध्यम है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma) सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं अन्य सहायता के बारे में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया, ताकि इच्छुक युवा अपने व्यवसायिक विचारों को वास्तविक उद्यम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ठियोग के विद्यार्थियों, SHGs, स्थानीय युवाओं एवं स्टाफ सहित लगभग 110 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर सीनियर इंस्ट्रक्टर अनीता कुमारी, एक्सटेंशन ऑफिसर (EO), DIC ठियोग सुरेंद्र शर्मा, नोडल अधिकारी एवं इंस्ट्रक्टर राम लाल, इंस्ट्रक्टर मीन चंद, द प्लैनेट एजुकेशन सोसाइटी के सहायक प्रबंधक हर्ष कुमार तथा सेक्रेटरी मामराज शर्मा सहित संबंधित स्टाफ एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसायिक अवसर, बिजनेस आइडिया विकसित करने, उद्यमिता मानसिकता तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
साथ ही, प्री-ग्रामीण इन्क्यूबेशन केंद्र के माध्यम से युवाओं को आगे भी आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं हैंडहोल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध करवाने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के समापन अवसर पर युवाओं को संदेश दिया गया कि स्थानीय संसाधनों और कौशल को व्यवसायिक अवसरों में बदलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं को “विचार से उद्यम और उद्यम से रोजगार सृजन” की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम हैं।
RAMP के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को संस्थागत सहयोग से जोड़ने के लिए इस प्रकार की गतिविधियां निरंतर आयोजित की जा रही हैं।
