मुख्यमंत्री की सादगी और अपनत्व ने जीता स्थानीय लोगों का दिल
शिमला। स्पीति घाटी के रंगरिक में रात्रि प्रवास के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्थानीय लोगों के प्रति अपनत्व और सादगी भरा अंदाज देखने को मिला।
रात करीब नौ बजे जब मुख्यमंत्री लोगों से संवाद करने के लिए मंजुश्री पहुंचे, तब तापमान शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे था। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
सीएम सुक्खू का सहज और आत्मीय व्यवहार स्थानीय लोगों को खूब भाया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच ज़मीन पर बैठकर उनसे सीधा संवाद किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय वेशभूषा में लोगों के साथ पारंपरिक नृत्य में भी शामिल हुए। कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना लोग करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री के साथ बैठे रहे।
मुख्यमंत्री काफी देर तक जमीन पर बैठकर लोगों की बातें सुनते रहे। इस दौरान एक छोटी बच्ची उनके पास आई और उनकी गोद में बैठ गई। कुछ ही देर में बच्ची मुख्यमंत्री की गोद में ही सो गई।
मुख्यमंत्री ने भी सहज भाव से उसे अपनी गोद में सुलाए रखा। बच्ची के जागने पर उन्होंने उसे उसकी माता को सौंप दिया। मुख्यमंत्री का यह आत्मीय अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
स्थानीय निवासी पद्मा ने कहा, “मुख्यमंत्री सुक्खू बेहद साधारण और सहज व्यक्तित्व के धनी हैं। न कोई प्रोटोकॉल और न ही कोई तामझाम।
हमें बिल्कुल ऐसा नहीं लगा कि कोई मुख्यमंत्री हमारे बीच आया है, बल्कि ऐसा महसूस हुआ जैसे हमारे परिवार का ही कोई सदस्य हमसे मिलने आया हो।
उन्हें जनजातीय क्षेत्र के लोगों से विशेष लगाव है। यही कारण है कि सरकार बनने के बाद पहला राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह मनाने के लिए भी वह स्पीति घाटी आए थे।”
उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड के बीच मुख्यमंत्री का लोगों के साथ जमीन पर बैठना, उनकी बातें सुनना और परिवार के सदस्य की तरह घुल-मिल जाना उनके सहज व्यक्तित्व और जनजातीय क्षेत्रों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है।
