स्पीति। सरकारी दफ्तर में कदम रखते ही आम लोगों को अधिकारियों से मिलने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं। लोगों को मिलने के लिए या तो अपनी जान पहचान के कर्मचारियों से कनेक्शन निकालना पड़ता है या फिर कर्मचारियों के सामने रिक्वेस्ट करनी पड़ती है।
बड़ी कर भी लें तो फिर पर्ची देनी पड़ती है और पर्ची कब अधिकारी के टेबल पर होगी या अधिकारी कब बुलाएगा इसका फैसला सिर्फ अधिकारी करते हैं।
लेकिन जिसने मिलना होता है वो घंटों तक इंतजार करता है। परंतु कुछ अधिकारी ऐसे भी होते हैं जो लोगों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
इनमें से ही एक एसडीएम काजा महेंद्र प्रताप सिंह भी हैं जिन्होंने नई पहल शुरू की है।
इन्होंने अपने ऑफिस के बोर्ड पर नोटिस चस्पा दिया है कि कोई भी व्यक्ति जब चाहे बिना अनुमति के उनसे मिल सकता है।
वहीं अगर वह कार्यालय में मौजूद नहीं हैं तो इनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
स्पीति जैसा जनजातीय क्षेत्र है। यहां कई कई किलोमीटर दूर तक गांव हैं। कई बसों में सफर करके आते हैं।
अगर थोड़ी सी देरी हो जाए तो बस छूट जाती है, फिर पैदल या टैक्सी का सहारा लेकर जाना पड़ता है।
ऐसे में लोग अब सीधे एसडीएम कार्यालय में मिल सकते हैं और अपने काम जल्दी से जल्दी करवा सकते हैं।
युवा अफसर की यही खासियत होनी चाहिए कि वे नए नए आइडिया लेकर जनता के बीच में रहे और प्रशासन की सुविधाओं का लाभ कम से कम समय में लें। ऐसे ऑफिसर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
