शिमला। जुब्बल तहसील के धार गांव में 1 अक्तूबर की देर रात करीब 11:45 बजे लगी भीषण आग में पांच मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पांच रिहायशी मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए।

हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। अग्निकांड के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जानकारी के अनुसार रात को जुब्बल अग्निशमन केंद्र को धार गांव में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल कर्मी तुरंत मौके के लिए रवाना हुए।
आग की भयावहता को देखते हुए रोहड़ू, कोटखाई और टिक्कर से भी दमकल वाहनों को मौके पर बुलाया गया। स्थानीय पुलिस के साथ ग्रामीणों ने भी आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग के कर्मचारियों का सहयोग किया।
इस अग्निकांड में नानक चंद चौहान, हरनाम सिंह धाल्टा, नरेंद्र सिंह धाल्टा, गिंदा देवी और अनिल धान्टा के परिवार प्रभावित हुए हैं।
रोहित ठाकुर ने जताया गहरा दुख
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस हृदयविदारक अग्निकांड पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन भर की मेहनत से बनाए आशियाने का आंखों के सामने आग की भेंट चढ़ जाना अत्यंत पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि दुःख और संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवार स्वयं को अकेला न समझें। प्रदेश सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़े हैं।
रोहित ठाकुर ने कहा कि अग्निकांड में हुए नुकसान के दृष्टिगत प्रभावित परिवारों को प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आपदा राहत नियमावली के तहत प्रभावित परिवारों को उचित राहत एवं सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाया जाएगा ताकि इस कठिन समय में आवश्यक सहयोग मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध करवाने, मौके पर हुए नुकसान का शीघ्र आकलन करने तथा आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
