जो मिला उसे बेच दो या मित्रों में बांट दो, की नीति से चल रही सरकार : जयराम ठाकुर

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अपनी तीन योजना का नाम नहीं बता सकते, हमारी दर्जनों योजना कर दीं बंद

धर्मशाला। हिमाचल सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित रैली को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में इस सरकार के पास बताने के लिए एक भी योजना नहीं हैं।

जनता तो दूर की बात है कांग्रेस के विधायकों को भी किसी योजना का नाम याद नहीं है। क्योंकि एक भी योजना चलाई नहीं है तो नाम कहां से बताएंगे?

इस नाकाम सरकार न हमारी सरकार द्वारा चलाई गई दर्जनों योजनाएं बंद कर दी हैं। आज कांग्रेस के विधायक प्रदेश के लोगों से नजरें नहीं मिला पाते हैं, उनके फोन नहीं उठा सकते हैं।

प्रदेश के लोग कहते हैं कि अपनी योजना नहीं चलानी तो मत चलाओ लेकिन पुरानी तो बंद मत करो। हिमकेयर से इलाज तो होने दो,शगुन और कन्यादान से हमारी बेटियों का विवाह तो होने दो। गृहणी सुविधा के हमारे सिलेंडर न छीनो, स्वावलंबन का स्वरोजगार न छीनो।

सहारा योजना छीनकर बेसहारा मत करो। नए स्कूल कॉलेज नहीं देना तो मत दो लेकिन पुराने दो हजार से ज्यादा संस्थान हमसे न छीनों। प्रदेश में पहली बार ऐसी सरकार है जिससे लोग नया कुछ मांग ही नहीं रहे हैं बल्कि पुरानी सुविधाएं न बंद करने का ही निवेदन कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही हिमाचल के हितों को बेचने के मिशन पर काम कर रही है। धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय का परिसर आज तक क्यों नहीं बना? केंद्र सरकार द्वारा पैसा दिए जाने के बाद पूर्व सरकार द्वारा जमीन की क्लीयरेंस की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद भी सरकार 30 करोड रुपए क्यों नहीं जमा कर रही है?

पालमपुर यूनिवर्सिटी के 112 बीघा से ज्यादा जमीन मुख्यमंत्री ने किस अधिकार के तहत अपने मित्रों को बेची थी। अरे यूनिवर्सिटी में ज्यादा जमीन थी तो वहां कुछ रिसर्च का काम हो सकता था, शैक्षणिक गतिविधियां हो सकती थी। लेकिन जो मिला उसे बेच दो या मित्रों में बांट दो, की नीति से सरकार प्रदेश को बहुत नुकसान कर रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि जब भी हम प्रदेश के किसी भी कोने में जाते हैं तो हर जगह प्रदेश के लोगों में एक हताशा और निराश दिखाई देती है। विधानसभा सत्र के दौरान जितने भी मैदान हैं, हर जगह किसी ने किसी प्रकार के प्रदर्शन सरकार के खिलाफ चल रहे हैं।

प्रदेश का हर वर्ग सरकार को उखाड़ फेंकने को आतुर है। प्रदेश के कोने-कोने में सुक्खू सरकार को उखाड़ फेंकने के नारे लग रहे हैं। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर राजधानी में दिव्यांग जनों के साथ बर्बरता की गई।

धर्मशाला में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। बेटियों को भी मारा गया। प्रदर्शन की परमिशन देने के बाद भी परमिशन न देने की बात सरकार द्वारा की गई, इस शर्मनाक कुछ नहीं सकता है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरा प्रदेश सरकार से दुखी है। 3 साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों पर टॉयलेट टैक्स से लेकर, बिजली पानी और अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी पर कर ही कर लादे हैं।

प्रदेश वासियों को पहले से मिल रही है सुविधा के शुल्क में बेतहाशा वृद्धि की है। प्रदेश सरकार लगातार कर्ज पर कर्ज ले रही है और मित्रों को लाभ पर लाभ दे रही है।

सरकार का पूरा फोकस मुख्यमंत्री के कुछ चुने मित्रों और कांग्रेस के नेताओं पर है बाकी प्रदेशवासियों के मरने जीने से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। तभी तो सरकार ने निर्लज्जता की पराकाष्ठा को पार करते हुए उसी जगह पर अपने 3 साल के नाकामी भरे कार्यकाल का जश्न मनाने का फैसला किया है जहां पर दर्जनों जिंदगियां अभी भी मलबे में दफन है। जहां हजारों लोग बेघर हुए हैं और सैकड़ो लोग मारे गए हैं।

जिस धनराशि का उपयोग आपदा प्रभावितों को राहत और आवास देने में होना चाहिए था वह धनराशि 3 साल के जश्न और सांस्कृतिक उत्सव में खर्चहोगी।

उन्होंने कहा कि जनता का यह उत्साह देखकर यह साफ हो गया कि हिमाचल की जनता कांग्रेस का बिहार से भी बुरा हाल करेगी और अगले विधान सभा चुनाव में हिमाचल के लोग कांग्रेस को ऑल्टो गाड़ी में फिट करेंगे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले दिन से ही अपने सनातन विरोधी रवैए पर कायम हैं। अपने पहले बयान में भी उन्होंने 97 प्रतिशत हिंदुओं को हराने की बात की थी। उसके बाद से यह सिलसिला लगातार जारी है।

पूरी कांग्रेस पार्टी सनातन विरोधी है और अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करके कुर्सी पर बने रहने के लिए ही सीएम सनातन विरोधी बयान दे रहे हैं।

मासूम बच्चों द्वारा राधे-राधे का अभिवादन करने पर सवाल करने का कोई दुख बनता ही नहीं है। इसके बाद भी उनकी मित्र मंडली और प्रोपेगंडा टीम इसे जायज ठहरा रही है।

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