साढ़े तीन वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में मिली हार की कुंठा से अभी तक उबर नहीं पाए नेता प्रतिपक्ष : कांग्रेस मंत्री

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शिमला। स्वास्थ्य मंत्री डॉ कर्नल धनीराम शांडिल तथा बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की कुंठा से अभी तक उबर नहीं पाए हैं।

यही कारण है कि वह मीडिया में लगातार आधारहीन ब्यानबाजी कर सुर्खियों में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के अभी तक के चुनावी नतीजों के बारे में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं जबकि यह निर्वाचन पार्टी सिंबल पर नहीं हुए हैं। इन चुनावों के परिणाम से सभी को पता चल गया है कि भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का क्या हश्र हुआ है।

मंत्रियों ने कहा कि कई धड़ों में बंटी भाजपा के नेता एक दूसरे को पटकनी देने की होड़ में लगे हुए हैं। इसके लिए वह मीडिया में बयानबाजी का सहारा लेकर अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश सरकार ने राज्य मेें परिवर्तनकारी पहल की हैं। इनके सकारात्मक परिणाम धरातल पर नजर आ रहे हैं।

भाजपा नेता, प्रदेश कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रहे हैं इसलिए लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना की जा रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य ने नए मुकाम हासिल किए हैं। राज्य श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ का मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर है।

उन्होेंने कहा कि प्रदेश सरकार की लोकप्रियता से भाजपा नेता छटपटा रहे हैं, क्योंकि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में हार का डर अभी से सताने लगा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार काम करने में विश्वास रखती है भाजपा नेताओं की तरह केवल नारों और बयानबाजी से काम नहीं चलता।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण जन कल्याणकारी योजना को बंद करके ग्रामीण क्षेत्र के लाखों गरीब परिवारों को प्रभावित किया।

वहीं कांग्रेस सरकार ने गरीब परिवारों के आर्थिक उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता हमेशा गरीब किसान और मजदूर वर्ग का कल्याण रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.83 लाख रुपये हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 64 हजार रुपये अधिक है।

राज्य में 125 यूनिट तक दो मीटरों पर मुफ्त बिजली दी जा रही है, जबकि अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आरडीजी के रूप में हिमाचल के लोगों को मिलने वाली 8-10 हजार करोड़ रुपये वार्षिक सहायता को बंद किया गया है, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय अनुशासन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

मंत्रियों ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निगम निर्वाचन के परिणाम भाजपा के हवाई दावों की पोल खोल देंगे। भाजपा की नीतियां प्रदेश विरोधी रही है और उनके शासनकाल में जनहित को प्राथमिकता नहीं दी गई।

वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के तहत काम करते हुए जनसेवा को केन्द्र में रखा है। नीतिगत बदलाव किए गए हैं, नए कानून बनाए गए और भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद किया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सच्चाई जान चुकी है इसलिए नेता प्रतिपक्ष प्रदेश हित की बात करें इसी में उनकी भलाई है।

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