भारत। केंद्रीय सतर्कता अधिकारी, ईएसआईसी एवं ईपीएफओ (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) ने निवारक सतर्कता हेतु प्रभावी कदम उठाने के उद्देश्य के साथ ईएसआईसी और ईपीएफओ के कार्यालयों का दौरा किया।
जितेन्द्र खरे, भारतीय दूरसंचार सेवा, केंद्रीय सतर्कता अधिकारी, कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत चर्चा की गई एवं ईएसआईसी, क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा निर्मित सतर्कता जागरूकता विषय पर आदर्श वाक्य सहित एक पोस्टर का अनावरण किया गया।
उन्होंने भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन -अर्बन-2.0 के अंश के रूप में क्षेत्रीय कार्यालय, कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पौधारोपण किया।
जितेन्द्र खरे, भारतीय दूरसंचार सेवा, ईपीएफओ में केंद्रीय सतर्कता अधिकारी हैं एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम के केंद्रीय सतर्कता अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार धारण करते हैं।
उनके द्वारा दिनांक 20 एवं 21 अक्टूबर को अहमदाबाद, गुजरात का दौरा किया गया और ईएसआईसी एवं ईपीएफओ कार्यालयों के सतर्कता पक्ष की समीक्षा की गई।
दोनों विभाग श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करते हैं और भारत के श्रमबल को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
खरे द्वारा ईएसआईसी एवं ईपीएफओ के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई और निवारक सतर्कता के लिए प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता ऐसे उपायों का पैकेज है, जो व्यवस्था एवं प्रक्रिया में सुधार करता है, जिससे भ्रष्टाचार कम / नष्ट होता है, पारदर्शिता में वृद्धि होती है और व्यवसाय करने में आसानी होती है।
इस दौरे के दौरान खरे, केंद्रीय सतर्कता अधिकारी ने ईएसआईसी एवं ईपीएफओ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले सतर्कता जागरूकता पखवाड़े को इस तरह मनाया जाए कि लोक सेवकों में पारदर्शिता व जवाबदेही और सत्यनिष्ठा को बढ़ावा दिया जाए और भ्रष्टाचार की उपस्थिति, इसके कारण व प्रभाव एवं समाज में इसके द्वारा उत्पन्न खतरों के बारे में जागरूक किया जाए।
