शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में रहने वाले हिमाचली लोगों से मातृभूमि की सेवा करने का किया आग्रह

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दिल्ली। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज दिल्ली में सायर महोत्सव और मंडी जन कल्याण सभा के 64वें वार्षिक समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों के कल्याण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की उच्च परम्पराओं को जीवित रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि समृद्ध संस्कृति व परम्पराएं हमारी पहचान है।

युवा पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूक करना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत को संजोकर रख सकें। उन्होंने कहा कि सायर महोत्सव हिमाचलवासियों का एक महत्त्वपूर्ण समारोह है जिसे फसल काटने के पश्चात हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में रहने वाले हिमाचली लोगों से प्रदेशवासियों की सहायता करने का आग्रह किया और कहा कि यह उनकी ओर से मातृभूमि की सच्ची सेवा होगी। उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहने और परम्पराओं को जीवित रखने का भी आग्रह किया।

उन्होंने हिमाचल सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए परिवर्तनकारी सुधारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में 21वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए जल्द ही 100 स्कूलों को सीबीएसई आधारित संस्थानों में परिवर्तित किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र में इन सुधारों के कारण, अगले दो-तीन वर्षों में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।

उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और सभा के लिए एक लाख रुपये की घोषणा की।

उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया।

मंडी जन कल्याण सभा के अध्यक्ष के आर वर्मा ने शिक्षा मंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया और जिला मंडी व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभा द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और मानवीय गतिविधियों से अवगत करवाया।

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