धर्मशाला। पूर्व मंत्री एवं जसवां-परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को एफआईआर दर्ज करनी ही है तो उन नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे, जिन पर भ्रष्टाचार और तबादलों के नाम पर पैसे लेने के आरोप लग रहे हैं।
उनका आरोप है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने के बजाय केवल भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है।
धर्मशाला में रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कथित तौर पर पटवारी से लेकर डीसी स्तर तक मनचाही तैनाती के लिए मोटी रकम ली जा रही है।
उन्होंने धर्मपुर में कथित अवैध कटान, बघाट बैंक घोटाला, लोक निर्माण एवं जल शक्ति विभाग में टेंडर जारी होने से पहले कार्य शुरू होने, केसीसी बैंक से जुड़े मामलों, कुल्लू रेव पार्टी प्रकरण तथा फर्जी डिग्री मामले का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है, जबकि विपक्ष के नेताओं को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर लगे गंभीर आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। भाजपा विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार के मोर्चे पर भी अपने वादे पूरे करने में विफल रही है।
सरकार ने हर वर्ष एक लाख रोजगार देने का दावा किया था, लेकिन साढ़े तीन वर्षों में नाममात्र की भर्तियां ही हो सकी हैं।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा जल्द ही प्रदेश सरकार के खिलाफ तथ्यों पर आधारित चार्जशीट तैयार कर जनता के सामने रखेगी। इसमें सरकार की कथित विफलताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर नियमों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से आम लोगों के हित में कार्य करने की अपील की।
पत्रकार वार्ता में विधायक विपिन सिंह परमार, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा तथा मीडिया समन्वयक विश्व चक्षु भी मौजूद रहे।
