शिमला। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग से, AIMSS चामियाना को कम समय में पूरी तरह से क्रियाशील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगतिशील सोच के तहत AIMSS चामियाना को राज्य की पहली रोबोटिक सर्जरी सुविधा भी आवंटित की है।
बुधवार को आयोजित की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AIMSS शिमला के प्रिंसिपल डॉ ब्रिज शर्मा और AIMSS शिमला के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ सुधीर शर्मा ने इस अस्पताल की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने AIMSS चामियाना को क्रियाशील करने में विशेष ध्यान और प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में AIMSS चामियाना में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, एंडोक्रिनोलॉजी, CTVS और कार्डियक एनेस्थीसिया के सुपर-स्पेशियलिटी विभाग हैं। AIMSS चामियाना में रोज़ाना ओपीडी में सात सौ से लेकर एक हज़ार मरीज़ देखे जा रहे हैं।
नवंबर महीने में 12,327 ओपीडी मरीज़ों का इलाज किया गया, जबकि 591 मरीज़ों को आईपीडी में भर्ती किया गया। रेडियोलॉजी विभाग ने अब तक लगभग 505 अल्ट्रासाउंड, 385 CT-स्कैन, 1926 एक्स-रे, 1222 ECG जांच की हैं।
इसके साथ ही कुल 298 बड़ी सर्जरी और 787 छोटी सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हैं, जो अस्पताल की बढ़ती सर्जिकल क्षमता और क्लिनिकल दक्षता को दर्शाती हैं।
डॉ ब्रिज और डॉ सुधीर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपनी प्रगतिशील सोच के तहत 29 करोड़ रुपये की नवीनतम रोबोटिक सर्जरी सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रोबोटिक सर्जरी यूनिट 11 अगस्त, 2025 को शुरू हुई और 100 से ज़्यादा रोबोटिक सर्जरी पहले ही पूरी हो चुकी हैं।
अस्पताल प्रशासन हिमाचल प्रदेश के लोगों को उन्नत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।एक पूरी तरह से सुसज्जित इनडोर लैब चालू है और नवीनतम 256-स्लाइस CT स्कैन भी स्थापित किया गया है। अस्पताल में नवीनतम कार्डियक कैथ लैब भी है।
सरकार नवीनतम मशीनरी प्रदान करने और पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में संस्थान के लिए 50 स्टाफ नर्सों को मंज़ूरी प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन लगातार लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ मरीज़ों को पूरी देखभाल देने की कोशिश कर रहा है। लगभग 25 करोड़ रुपये की थ्री-टेस्ला MRI मशीन को मंज़ूर मिली है जिसे अगले 6 महीनों में इंस्टॉल किए जाने की संभावना है।
AIMSS चामियाना के लिए 25 करोड़ रुपये की ट्रैक आधारित ऑटोमेटेड लैब मंज़ूर की गई है। साथ ही एडवांस रेडियोलॉजिकल इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये है, मंज़ूर की गई है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण चल रहा है और भारत सरकार द्वारा 29,82,39,952 रुपये मंज़ूर किए गए हैं।एडिशनल ब्लॉक का निर्माण भी चल रहा है और भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा 54.60 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं।
मरीज़ों को होने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए, एक सूचना और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। मरीज रूम नंबर 735, 7वीं मंजिल में सेल से संपर्क कर सकते हैं या अपने सुझाव/शिकायतें ms-aimss@hp.gov.in पर ईमेल से भेज सकते हैं।
वहीं उन्होंने माना कि अस्पताल को पूरी तरह क्रियाशील होने में कुछ चुनौतियां और कमियां हैं, जिन्हें दूर करने में अस्पताल प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
वहीं अस्पताल में जल्द ही 24 घण्टे आपातकाल सेवाएं शुरू कर दीं जाएंगी।
