हमीरपुर। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस हमेशा हिमाचल में कर्मचारियों की पक्षधर रही है। जबकि बीजेपी की सोच व रवैया कर्मचारियों के लिए हमेशा नकारात्मक रहा है। यह बात राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने यहां जारी प्रेस बयान में कही है।
राणा ने कहा कि कर्मचारियों के प्रति उपेक्षित व्यवहार का जवाब बीजेपी से आने वाले उपचुनाव में कर्मचारी वर्ग देगा।
उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बाहल रखने के लिए जी जान से जुटे पुलिस बल से सरकार का रवैया भेदभावपूर्ण क्यों है। जबकि सभी कर्मचारियों का अनुबंध काल प्रदेश में तीन साल है तो पुलिस बल के लिए किस कारण से अनुबंध समय अवधि 8 साल की रखी गई है।
राणा ने कहा है कि क्या बीजेपी पुलिस बल को कर्मचारियों के निम्न वर्ग में गिनती है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं पुलिस को विशेष वेतन जो उनकी सेवाओं के लिए एक महीने का अलग से दिया जाता है, वह भी पुराने पे-स्केल पर दिया जा रहा है।
यह भेदभाव क्यों और किस कारण से सरकार को बताना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारी वर्ग का अनुबंध काल 6 साल से घटाकर 3 साल किया था।
विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में यह ऐलान किया था कि बीजेपी अनुबंध कार्यकाल को 3 साल से घटाकर 2 साल करेगी लेकिन अब बीजेपी का कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है लेकिन बीजेपी इस चुनावी वादे पर खामोश है।
राणा ने कहा कि उधर पंजाब प्रांत में कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की नोटिफिकेशन हो चुकी है। अक्तूबर माह में पंजाब प्रांत में छठे वेतन आयोग के अनुरूप पे-स्केल कर्मचारियों को देने की भी बात हो चुकी है।
राणा ने पूछा है कि बीजेपी सरकार बताए कि वह हिमाचल के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग के पे-स्केल की घोषणा कब कर रही है।
पंजाब पे कमीशन ने कर्मचारियों की ग्रेच्युटी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी है। ऐसे में वेतन भत्तों के मामलों में अक्सर पंजाब सरकार का अनुसरण करती आई हिमाचल सरकार कर्मचारियों की ग्रेच्युटी के बारे में क्या राय रखती है।
यह भी सरकार को प्रदेश के कर्मचारियों को बताना होगा। राणा ने कहा कि अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों को समय पर पूरा नहीं कर पाती है तो कांग्रेस सत्ता में आने पर सब से पहले कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करेगी।