धर्मशाला। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तथा सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का चुनाव नहीं होगा, बल्कि हिमाचल प्रदेश को कांग्रेस के कुशासन, भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और झूठे वादों से मुक्त कराने का जनसंकल्प होगा।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अभी से कमर कस लें और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में पूरी ताकत के साथ जुट जाएं।
डलहौजी व भटियात विधानसभा क्षेत्र के मंडलों में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती तथा आगामी तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर मंडल मोर्चों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की कार्यकारिणी बैठक में सहभागिता करते हुए विपिन सिंह परमार ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन उसकी सबसे बड़ी ताकत है और मंडल, मोर्चा, बूथ तथा पन्ना स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही आगामी चुनाव में पार्टी की विजय का आधार बनेगी।
परमार ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर जनता से संवाद करें और कांग्रेस सरकार की वास्तविकता जनता के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि 2027 में कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश की सत्ता से जड़ से उखाड़ने के लिए भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी शक्ति, समर्पण और अनुशासन के साथ मैदान में उतरेगा।
उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश का कोई ऐसा वर्ग नहीं है जो कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से परेशान न हो। कर्मचारी, युवा, महिलाएं, किसान, बागवान, व्यापारी, मजदूर, पूर्व सैनिक और आम नागरिक, हर वर्ग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने के बजाय जनता को घोषणाओं और आश्वासनों के सहारे बहलाने का प्रयास किया गया।
परमार ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी पहचान झूठे वादे, राजनीतिक बदले की भावना, संस्थानों की अनदेखी और प्रदेश पर बढ़ता आर्थिक बोझ बन चुकी है। जनता अब भाषण और घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहती है।
प्रदेश की जनता रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, मजबूत सड़कें, किसानों और बागवानों के लिए राहत तथा युवाओं के लिए अवसर चाहती है, लेकिन कांग्रेस सरकार इन मूलभूत अपेक्षाओं पर खरी उतरने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता निराश न हों, बल्कि जनता के बीच लगातार सक्रिय रहें। कार्यकर्ता लोगों की समस्याएं सुनें, उनके समाधान के लिए संघर्ष करें और सरकार की विफलताओं को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखें।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल नेताओं के भरोसे नहीं जीते जाते, बल्कि प्रत्येक बूथ का कार्यकर्ता भाजपा का सिपाही बनकर जब जनता के बीच खड़ा होता है, तभी संगठन को मजबूती मिलती है।
इस अवसर पर विपिन सिंह परमार ने डलहौजी और भटियात मंडलों की बैठकों में भी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया तथा उनमें जोश और उत्साह का संचार किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को मजबूत करना और हिमाचल प्रदेश को विकास, सुशासन तथा पारदर्शिता की दिशा में आगे ले जाना है।
उन्होंने कहा कि 2027 में भाजपा की सरकार बनने के बाद कांग्रेस शासन में रोके गए विकास कार्यों को गति दी जाएगी और हिमाचल प्रदेश को दोबारा विकास की पटरी पर लाया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे आज से ही 2027 का लक्ष्य निर्धारित करें, बूथ मजबूत करें, संगठन मजबूत करें और जनता के साथ अपना संवाद और अधिक मजबूत बनाएं।
चंबा में दिए गए अपने वक्तव्य को संदर्भ से काटकर प्रचारित किए जाने पर विपिन सिंह परमार ने कांग्रेस और उसके आईटी सेल पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य को जानबूझकर संदर्भ से काटकर, तोड़-मरोड़कर और भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि राजनीतिक भ्रम पैदा किया जा सके।
परमार ने स्पष्ट किया कि उनका परामर्श कांग्रेस और उसके नेताओं के लिए था, क्योंकि कांग्रेस में विपक्षी नेताओं के प्रति अभद्र और अमर्यादित भाषा के प्रयोग की होड़ लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर चंबा में उन्होंने जो बात कही थी, उस पर वे आज भी पूरी दृढ़ता के साथ कायम हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कट-पेस्ट, संदर्भ बदलने और भ्रामक प्रचार की राजनीति छोड़कर पहले अपने नेताओं की भाषा और आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दूसरों को राजनीतिक मर्यादा का पाठ पढ़ाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
परमार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के प्रति समय-समय पर की गई अमर्यादित टिप्पणियां सभी के सामने हैं। ऐसे में कांग्रेस द्वारा राजनीतिक शालीनता और मर्यादा की बातें करना केवल राजनीतिक पाखंड है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में वैचारिक विरोध हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और अमर्यादित भाषा को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि झूठे प्रचार, कट-पेस्ट और संदर्भ बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। हिमाचल की जागरूक जनता सब देख और समझ रही है तथा कांग्रेस के इस राजनीतिक छलावे को अच्छी तरह पहचान चुकी है।
इसी क्रम में विपिन सिंह परमार ने “मेरा युवा भारत चंबा” द्वारा भारत सरकार के खेल मंत्रालय के सहयोग से आयोजित “माय भारत लीडरशिप बूटकैंप” में यूथ हॉस्टल में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने युवा नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण और नशा निवारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं के साथ संवाद किया।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें तो समाज और राष्ट्र दोनों तेजी से प्रगति कर सकते हैं।
आज नशा समाज के सामने गंभीर चुनौती है और इसके खिलाफ सरकार के साथ-साथ परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के युवाओं को भी नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सशक्त संगठन, सक्रिय युवा, नशामुक्त समाज और जनसेवा का संकल्प भाजपा की कार्यशैली का आधार है।
विपिन सिंह परमार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, भाईचारे और एकता को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने आगामी तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए प्रत्येक कार्यकर्ता से इसमें बढ़-चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, गौरव और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का प्रतीक है।
परमार ने कहा कि अब समय केवल बैठकों तक सीमित रहने का नहीं, बल्कि पूरी ताकत के साथ जनता के बीच उतरने का है।
प्रत्येक कार्यकर्ता आज से अपना लक्ष्य निर्धारित करे और अपने-अपने बूथ पर संगठन को मजबूत करने के साथ जनता के सुख-दुख में सहभागी बने।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस सरकार के शासन का अनुभव कर चुकी है और अब परिवर्तन का मन बना चुकी है।
2027 में जनता अपने मत की शक्ति से कांग्रेस को करारा जवाब देगी और भाजपा को सत्ता में लाकर प्रदेश में सुशासन, विकास और जनहित की सरकार स्थापित करेगी।
विपिन सिंह परमार ने कहा, “2027 की लड़ाई केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच नहीं, बल्कि झूठ और सच्चाई, कुशासन और सुशासन तथा निराशा और विकास के बीच की लड़ाई होगी।
भाजपा कार्यकर्ता पूरी ताकत से तैयार रहें। हिमाचल की जनता के साथ मिलकर कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है।”
