योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर, स्वस्थ जीवन का आधार : संजीव कटवाल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग बना वैश्विक जनआंदोलन, 190 से अधिक देशों में मनाया जा रहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

शिमला। भारतीय जनता पार्टी संजौली मंडल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री हंस सत्संग मंदिर, संजौली में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष कमलजीत सूद, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, संजीव देशटा, मंडल अध्यक्ष संजीव चौहान, सुरेश शर्मा, संजीव ठाकुर, प्रवीण ठाकुर, किमी सूद, अनूप वैद्य, पूजा, बालक राम, गौरव सूद तथा चन्द्रशेखर शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

योग सत्र का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग संस्थान से आए प्रशिक्षकों द्वारा किया गया।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की हजारों वर्ष पुरानी जीवन शैली है, जो मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का मार्ग प्रशस्त करती है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ।

इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। आज योग 190 से अधिक देशों में अपनाया जा चुका है और यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का विश्वव्यापी प्रतीक बन गया है।

संजीव कटवाल ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है। यह थीम बताती है कि योग जीवन के प्रत्येक चरण में व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और आत्मिक रूप से संतुलित बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है।

नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर में लचीलापन आता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। योग हमें केवल रोगों से बचाने का कार्य नहीं करता बल्कि अनुशासित, संतुलित और सफल जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है।

उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।

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