शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि निजी हित साधने के लिए सरकार संदिग्ध निष्ठा वाले अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनाती दे रही है।
प्रदेश में भय का वातावरण पैदा कर रही है जिस कारण ईमानदार लोग ऐसे अधिकारियों के चलते अपनी बात विभागों में नहीं रख पाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनको न्याय मिलना मुश्किल है।
अभी हाल ही के दिनों में भू व्यवस्था विभाग के हमीरपुर जिला के बड़सर वृत में एक सेवानिवृत तहसीलदार को, जिसके ऊपर पहले से ही विजिलेंस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार का केस दायर किया गया है, उसको विभाग में पुर्ननियुक्ति दे दी गई है जिससे पता चलता है कि सरकार स्वयं प्रदेश में किस तरह से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।
प्रदेश में यह कोई ऐसे पहला मामला नहीं है जहां संवेदनशील पदों पर भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को बिठाया जा रहा है बल्कि और भी कई विभागों में ऐसे लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
यहां तक की स्वास्थ्य विभाग में ड्रग संबंधित अधिकारियों को भी, जिनके ऊपर कई तरह के भ्रष्टाचार के केस प्रदेश में चल रहे हैं, उनको भी संवेदनशील पदों पर तैनाती दी जा रही है।
प्रदेश के जिला मुख्यालय पर ऐसे अधिकारियों को बिठाया जा रहा है जिनके कारण दवा विक्रेता और दवा निर्माता भय के वातावरण में हैं कि ऐसे अधिकारियों के संरक्षण में वह कैसे काम करें।
प्रदेश के बड़े पुलिस अधिकारी जिनके ऊपर कानून व्यवस्था भंग करने के केस चले हुए हैं उनको प्रदेश की संवेदनशील कानून और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसी से पता चलता है कि सरकार की नीति और नीयत कैसी है।
ईमानदार और जिम्मेदार अधिकारियों का मनोबल गिराने का काम सरकार कर रही है। सरकार से संबंधित एक विधायक के दबाव में पुलिस अधिकारी के ऊपर इतना दबाव बनाया गया कि उस अधिकारी को रातों-रात अपना आवास भी खाली करना पड़ा।
उसे लंबी छुट्टी पर जाने का आदेश सरकार ने दे दिया जबकि वह अधिकारी ईमानदारी व कर्तव्य निष्ठा के लिए विभाग में जानी जाती है। ऐसी घटनाओं से प्रदेश के ईमानदार अधिकारी प्रदेश से बाहर जाकर काम करना बेहतर समझ रहे हैं।
सरकार की ऐसी हरकतों से आज प्रदेश का आमजन पूछ रहा है कि क्या यही मुख्यमंत्री का व्यवस्था परिवर्तन है जहां पर भ्रष्टाचारी और अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है और ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
