वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी के पास सबूत नहीं, केवल फीलिंग है : अनुराग ठाकुर

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लोकतंत्र की हत्या करने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र बचाने का कर रही नाटक

शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने शिमला में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित विशाल पदयात्रा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।

उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस का वास्तविक इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और सत्ता के लिए संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखने का रहा है। आज वही कांग्रेस वोट चोरी का आरोप लगाकर देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी पिछले एक वर्ष से लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन आज तक जनता के सामने कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए।

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने मीडिया के सामने दावा किया था कि उनके पास वोट चोरी के सबूत हैं। एक साल बीत गया, लेकिन न मीडिया को सबूत दिए, न जनता को। जब उनसे प्रमाण मांगे जाते हैं तो वे केवल ‘फीलिंग’ की बात करते हैं।”

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी को वोट चोरी की फीलिंग आ रही है, तो हिमाचल प्रदेश की जनता को भी यह फीलिंग आ रही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर करना है, हिमाचल में कमल खिलाना है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनानी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र की बात करने से पहले अपना इतिहास याद करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थाओं पर बार-बार प्रहार किए गए।

देश में आपातकाल लगाकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचला गया, विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या का सबसे बड़ा उदाहरण कांग्रेस द्वारा लगाया गया आपातकाल है, जिसे देश की जनता कभी नहीं भूल सकती।

अनुराग ठाकुर ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव से जुड़े ऐतिहासिक विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनावी अनियमितताओं पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास का आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए चुनावी प्रक्रियाओं और संवैधानिक संस्थाओं को अपने राजनीतिक हितों के अनुसार प्रभावित करने का प्रयास किया।

उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण स्वीकार्य था, लेकिन आज वही प्रक्रिया कांग्रेस को लोकतंत्र के विरुद्ध दिखाई दे रही है।

उन्होंने सवाल किया कि मतदाता सूचियों को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की प्रक्रिया से कांग्रेस को आखिर आपत्ति क्यों है?

अनुराग ठाकुर ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के कार्यकाल और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद चुनाव कार्यक्रम में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विभिन्न अवसरों पर चुनावी परिस्थितियों का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने अतीत का मूल्यांकन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शी चुनाव व्यवस्था और संविधान की गरिमा के प्रति प्रतिबद्ध है। देश की जनता कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर को भलीभांति समझ चुकी है।
अनुराग ठाकुर ने पदयात्रा में उपस्थित कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर करने और भाजपा की सरकार बनाने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी शक्ति के साथ जुटना होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में हिमाचल की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी और प्रदेश में एक बार फिर कमल खिलेगा।

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