ग्राम पंचायत सामुदायिक भवन, कोहलू जुबड़ (तारापुर), ब्लॉक मशोबरा में आयोजित हुआ तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम, प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित
शिमला। ग्राम पंचायत सामुदायिक भवन, कोहलू जुबड़ (तारापुर), ब्लॉक मशोबरा, शिमला में 10 से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (Entrepreneurship Development Programme) का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस कार्यक्रम में क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप विकास एवं व्यवसाय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को उद्यमशील मानसिकता, अवसर आधारित सोच, समस्या की पहचान एवं ग्राहक व्यवहार को समझने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञों ने संवादात्मक सत्रों के माध्यम से बताया कि उपयोगकर्ता साक्षात्कार, ग्राहक व्यक्तित्व मानचित्रण तथा प्रमाण-आधारित समस्या विवरण के माध्यम से एक प्रभावी व्यावसायिक विचार को किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।
इसके साथ ही विचार सत्यापन, न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद, मूल्य प्रस्ताव तथा व्यवसाय मॉडल की मूलभूत अवधारणाओं पर भी कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम के दूसरे दिन बाजार में प्रवेश की रणनीतियों, स्टार्टअप संचालन प्रणाली, वित्त एवं मूल्य निर्धारण की मूलभूत जानकारी तथा स्टार्टअप से संबंधित अनुपालन एवं जोखिम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को टीम निर्माण, नेतृत्व क्षमता एवं समूह आधारित उद्यम संस्कृति के विकास के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। दिन के समापन पर आयोजित समूह गतिविधि के माध्यम से महिला सदस्यों ने पहचानी गई समस्याओं को व्यवहार्य स्टार्टअप अवधारणाओं में परिवर्तित करने का अभ्यास किया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागियों को अपने व्यावसायिक विचारों की प्रस्तुति, उद्यम की तैयारी, व्यवसाय मॉडल तथा अंतिम परियोजना प्रस्तुति की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इसके साथ ही स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं संस्थागत सहयोग की जानकारी भी दी गई। समापन से पूर्व महिला सदस्यों ने समूहों में अपने-अपने व्यावसायिक विचार एवं व्यवसाय मॉडल विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन समारोह में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी), शिमला के वरिष्ठ सलाहकार वरुण शुक्ला तथा एनआईटीकॉन से अंकुश वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्यमिता केवल अपना व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, चुनौतियों का सामना करने, उचित जोखिम उठाने तथा ईमानदारी, अनुशासन एवं नवाचार के साथ अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। समापन समारोह के दौरान 29 प्रतिभागियों को कार्यक्रम में सहभागिता के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सामुदायिक भवन, कोहलू जुबड़ (तारापुर), ब्लॉक मशोबरा, शिमला में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह महिलाओं को स्थानीय संसाधनों एवं उपलब्ध अवसरों के अनुरूप नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने हेतु दक्षता प्रदान करना तथा उन्हें स्वरोजगार से जुड़े व्यवसाय की व्यवहार्यता, बाजार से जुड़ाव, वित्तीय योजना एवं प्रभावी रणनीतियों की दिशा में सुदृढ़ बनाना रहा।
