शिमला। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की प्रोेवेशनरी अधिकारी ओशिन शर्मा ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढाओ का नारा दे रही है तो दूसरी ओर बेटियां घरेलु हिंसा की शिकार हो रही हैं।
वह भी उन बेटियों मेें से एक है जो अपने पति व उनके परिवार के सदस्यों द्वारा प्रताडित व घरेलू हिंसा से पीडित है। उसके पति व धर्मशाला के वर्तमान विधायक द्धारा उसे अभी दिमागी तौर पर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
जिसे तरह उनके पति को पूरे स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार है वैसे ही अधिकार उन्हें भी है, लेकिन उन्हें फिर भी परेशान करने से बाज नहीं आ रहे है, जिससे वह दायित्व सही तरीक से नहीं निभा नहीं पा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मांग करते हुए कहा कि धर्मशाला में सत्ता के दुरूपयोग को रोका जाए। जो जनता के सामने कुछ है और पीठ पीछे कुछ है।
उन्होंने पत्रकारों से इस मुददे पर भावुक होते हुए कहा कि 26 अप्रैल 2021 में उनका विवाह धर्मशाला के विधायक के साथ हुआ था। उसके बाद उनके साथ अत्याचार शुरू हो गए थे।
उन्होंने कुछ समय तक तो सहन किया । जब विरोध किया तो गत वर्ष जून माह में उनके साथ उनके पति व परिवार के सदस्यों द्वारा न केवल उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया था बल्कि मारपीट भी की गई थी।
उसके बाद उन पर पुलिस मेे की गई एफआईआर वापिस लेने का दबाव डाला गया। उन्होंने इसलिए एफआईआर वापिस ली थी क्योंकि उन्हें उनके पति ने दस वर्ष तक तलाक नहीं देने की बात कही थी।
हालांकि यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है। फिर भी उनके पति द्धारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर उनके पति द्वारा मीडिया में जो बयान दिया गया था, उस पर बाद में मुकर गए थे, जिससे उनका सफेद झूठ पकडा गया था।
उन्होंने कहा कि जब वह जोगेंद्रनगर व हमीरपुर मेें प्रोवशनरी पीरियड पर कार्यरत थी तो भी उनके पति द्वारा वहां पर परेशान करने करने का प्रयास किया गया।
यहीं नहीं हिप्पा में प्रशासनिक अधिकारी के प्रशिक्षण के दौरान भी उन्हें बेवजह तंग किया गया जिस कारण उन्हें शिमला के ढली थाने में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति उनके खिलाफ सत्ता का दुरुपयोग कर सकते है। वह इस संबंध में लोगों को जागरूक कर सच्चाई सामने रखना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि सही जागरूकता की कमी के कारण आज समाज मेें कितनी महिलाएं व बेटियां घरेलू हिंसा की शिकार हो जाती हैं और वह डर के कारण कुछ बोल भी नहीं पाती हैं।
उनके साथ जब यह घटना हुई थी, तब उन्हें समाज का समर्थन मिला था। उन्हें उम्मीद है कि अब भी लोग उनका साथ देंगे क्योंकि हम सभी को स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मांग करते हुए कहा कि धर्मशाला में सता के दुरूपयोग को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
