शिमला। आज ऑकलैंड हाऊस स्कूल लक्कड़ बाजार शिमला तथा हिप्र विश्व विद्यालय विधि विभाग के छात्र- छात्राओं ने हिप्र विधान सभा सचिवालय पहुँचकर कौंलिस चैम्बर के बाहर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात की।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने उन्हें संसदीय प्रणाली, देश के अन्दर विद्यमान लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधान सभा, लोक सभा तथा राज्य सभा की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
छात्र-छात्राओं को अवगत करवाते हुए पठानिया ने कहा कि बड़े प्रदेशों में विधान परिषदों का भी प्रावधान है। हिप्र छोटा राज्य होने के नाते यहाँ पर विधान परिषद नहीं है।
पठानिया ने कहा कि लोकसभा तथा विधानसभा लोकतन्त्र के सबसे बड़े मन्दिर हैं। लोक सभा के लिए जब सांसद सदस्य चुनकर जाते हैं तो वे मिलकर लोक सभा का गठन करते हैं। जिस दल के पास बहुमत होता है वह केन्द्र में सरकार का गठन करता है।
सबसे बड़ा दल, जिनके पास सरकार बनाने का पर्याप्त बहुमत होता है, सबसे पहले अपने नेता का चुनाव करता है तथा वह देश का प्रधानमंत्री बनता है। उसके बाद मंत्री परिषद का गठन होता है जबकि राज्य सभा के सदस्य का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से विधान सभा सदस्यों द्वारा किया जाता है।
वर्तमान में लोक सभा सदस्यों की कुल संख्या 543 है जबकि राज्य सभा सदस्यों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सदस्य भारत के राज्य तथा केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि 12 सदस्यों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है।
पठानिया ने कहा कि लोक सभा का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है तथा राज्य सभा सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है। राज्य सभा उपरी सदन जबकि लोक सभा निचला सदन कहलाता है।
पठानिया ने कहा कि विधान सभा सदस्यों का चुनाव सीधा जनता द्वारा किया जाता है। विधान सभा सदस्य जब चुनकर आते हैं तो मिलकर विधान सभा का गठन करते हैं तथा जिस दल के पास बहुमत होता है वह सरकार का गठन करता है। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का अधिकार केवल लोक सभा तथा विधान सभा के पास है।
इस अवसर पर डिजिटल मिडिया के साथ संवाद के दौरान दिव्यांग बच्चों को विधानसभा की कार्यवाही दिखाने बारे पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि शीघ्र ही उन्हें भी सदन की कार्यवाही देखने यहाँ बुलाया जाएगा।
पठानिया ने कहा कि आज के छात्र संसदीय प्रणाली से पूरी तरह वाकिफ हैं। इस बात का एहसास उन्हें बाल सत्र के दौरान हुआ जब बच्चों ने मुख्यमंत्री, मंत्री तथा स्पीकर की भूमिका बेहतरीन तरीके से निभाई थी।
संवाद के दौरान जब बच्चों ने विधान सभा अध्यक्ष से पूछा कि विधान सभा की कार्यवाही कैसे चलती है तो उन्होंने तपाक से कहा कि आप सदन की कार्यवाही को व्यवहारिक रूप से दर्शक दीर्घा में बैठ कर देखें।
इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया भी मौजूद थे।
