वंदे मातरम् का अपमान देश की राष्ट्रीय चेतना का अपमान : सुशील कड़शोली

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वंदे मातरम् के कथित अपमान के खिलाफ शिमला में सड़कों पर उतरा भाजयुमो

शिमला। भारतीय जनता युवा मोर्चा शिमला जिला ने वंदे मातरम् के कथित अपमान के विरोध में सीटीओ शिमला में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुमित ठाकुर ने की, जबकि भाजयुमो प्रदेश महामंत्री सुशील कड़शोली विशेष रूप से उपस्थित रहे।

धरना-प्रदर्शन में पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी संजय सूद, रवि मेहता, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा सहित भाजपा एवं भाजयुमो के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरने को संबोधित करते हुए सुशील कड़शोली ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा वंदे मातरम् का अपमान किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान किसी राजनीतिक विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्र सम्मान का विषय है।

कड़शोली ने कहा कि वंदे मातरम् करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है। इसे गाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया और मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। ऐसे राष्ट्रीय गीत के प्रति अनादर देश स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी और 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसका गायन किया था।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विशेषकर 1905 के स्वदेशी आंदोलन में वंदे मातरम् अंग्रेजी शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय उद्घोष बन गया था। 1950 में इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में सम्मान प्रदान किया गया।

1896 में जिस कांग्रेस के अधिवेशन में गूंजा वंदे मातरम्, आज उसी कांग्रेस नेतृत्व पर उसके अपमान का आरोप

सुशील कड़शोली ने कहा कि यह कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए कि जिस संगठन के ऐतिहासिक अधिवेशन में कभी वंदे मातरम् गूंजा था, आज उसी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ वंदे मातरम् के अपमान को लेकर देशभर में आक्रोश दिखाई दे रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने समय-समय पर देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषयों पर ऐसी राजनीति की है जिससे करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

कड़शोली ने कहा कि “वंदे मातरम् कोई साधारण गीत नहीं है। यह भारत माता के प्रति समर्पण, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और राष्ट्र प्रथम की भावना का प्रतीक है। इसका अपमान भारत की राष्ट्रीय चेतना का अपमान है।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष को राष्ट्रीय गौरव के रूप में मना रहा है। केंद्र सरकार द्वारा 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वंदे मातरम् के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है।

सुशील कड़शोली ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और वंदे मातरम् की विरासत से जोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेतृत्व के व्यवहार ने राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषय पर किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। कांग्रेस नेतृत्व को वंदे मातरम् के अपमान के लिए देश की जनता के सामने जवाब देना चाहिए और सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।

कड़शोली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी यह समझ ले कि वंदे मातरम् का सम्मान राजनीति से ऊपर है। देश की युवा शक्ति राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के लिए सदैव मजबूती से खड़ी रहेगी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने “वंदे मातरम्”, “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के जोरदार उद्घोष किए और कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की।

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