दिल्ली -शिमला -धर्मशाला उड़ानों के लिए हिमाचल सरकार हर साल देगी 31 करोड़

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शिमला। राज्य में हवाई सेवाओं को मजबूत करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला मार्गों पर नियमित हवाई सेवाओं का संचालन करने का निर्णय लिया है।

यह उड़ानें सप्ताह भर संचालित होंगी और इनका निरंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर साल 31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि इससे बेहतर हवाई सेवाओं पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य के समग्र आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी।

नियमित हवाई सेवाओं के संचालन से यात्रा का समय घटेगा और पर्यटकों, व्यापारियों तथा आम जनता के लिए सुगम आवागमन का साधन सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि शिमला और धर्मशाला के लिए विश्वसनीय हवाई सेवाओं से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी तथा त्वरित मेडिकल इवैक्यूएशन में मददगार साबित होने के अलावा आपात स्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित होगी।

हवाई सेवाओं के निरंतर संचालन के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने मेें प्रदेश सरकार का यह कदम रणनीतिक साबित होगा। सब्सिडी आधारित क्षेत्रीय हवाई संपर्क से दैनिक यात्रियों, व्यापारिक यात्रियों और पर्यटकों को समान रूप से लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में तीन संचालित हवाई अड्डों के अलावा कई हेलीपैड मौजूद हैं और प्रत्येक जिला मुख्यालय तथा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।

हाल ही में संजौली हेलीपोर्ट से चंडीगढ़ और रिकांगपियो के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की गई हैं, जिससे पर्यटक राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुंच सकेंगे।

इसके अतिरिक्त संजौली-रामपुर-रिकांगपियो तथा संजौली-मनाली (सासे हेलीपैड) पर भी शीघ्र हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू की जाएंगी। इन हवाई मार्गों के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को मानक संचालन प्रक्रिया की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

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