शिमला। हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद् के अध्यक्ष जोगेन्द्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने संयुक्त वक्तव्य देते हुये राज्य सरकार से जनहित में मांग उठाई है कि प्रदेश के राशन डिपो में सार्वजनिक वितरण प्रणाली या राज्य अनुदान स्कीम के तहत वितरित किए जाने वाले राशन का वितरण महीने में एक ही बार में उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीब से अमीर व्यक्ति तक प्रदेश सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठा रहे है। परन्तु डिपो में सभी वस्तुएं एक साथ उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ताओं को बार-बार राशन डिपो के चक्कर काटने पड़ते हैं।
विशेषकर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और दैनिक वेतनभागियों के लिए बार-बार डिपो जाना समय और पैसे दोनों की बर्बादी है।
परिषद् ने यह गंभीर मुद्दा भी उठाया कि वर्तमान में डिपो में सरसों का तेल, चीनी जैसी आवश्यक वस्तुएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जब उपभोक्ता डिपो में राशन लेने जाते है, तो उन्हें यह वस्तुएं नहीं मिलती।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि अगले महीने डिपोधारक पिछले महीने का छूटा हुआ कोटा देने से साफ मना कर देते है, जिससे उपभोक्ताओं को उनके हक के राशन से वंचित होना पड़ता है।
परिषद् सरकार से आग्रह करती है कि डिपोधारकों को सख्त निर्देष दिए जाएं कि राशनकार्ड धारकों को महीने के पहले सप्ताह में पूरा राशन एक साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवायें।
सरसों का तेल, चीनी जैसी मूलभूत सामग्रियों की आपूर्ति भी समय पर सुनिश्चित की जाए। अगर किसी तकनीकी कारणों से उपभोक्ता को किसी महीने कोई वस्तु नहीं मिलती है तो उसे अगले महीने उस वस्तु का पिछला कोटा प्राप्त करने का अधिकार दिया जाए।
