शिमला। हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद् ने राज्य सरकार से मांग की है कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर केवल महिला कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों के लिए भी राजपत्रित अवकाश घोषित किया जाए।
परिषद् के अध्यक्ष जोगेन्द्र व उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने एक सयुंक्त प्रैस बयान जारी करते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक पर्व है।
राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष इस अवसर पर महिला कर्मचारियों को अवकाश प्रदान किया जाता है, जो एक सराहनीय कदम है। हालांकि, यह त्यौहार केवल बहनों तक सीमित न होकर भाईयों की उपस्थिति ओर उनकी सहभागिता के बिना अधूरा है। रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन दोनों के परस्पर मिलन का अवसर है ।
बहनों को अपने भाईयों के पास पहुँचने भाईयों को अपनी बहनों के घर जाने के लिए समय और यात्रा की आवश्यकता होती है। पुरुष कर्मचारियों को अवकाश न मिलने के कारण कई परिवार इस पावन अवसर पर एक साथ एकत्रित होने से वंचित रह जाते हैं, जिससे त्योहार का आनंद प्रभावित होता है।
जब राज्य सरकार महिला कर्मचारियों को रक्षाबंधन पर विशेष अवकाश देती है, तो पुरूष कर्मचारियों को भी यह अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने समाजिक और परिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें ।
परिषद् ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से आग्रह किया है कि कर्मचारियों की भावनाओं और पर्व की महत्ता को ध्यान में रखते हुए, रक्षाबंधन के दिन हिमाचल प्रदेश सरकार के समस्त पुरूष कर्मचारियों के लिए भी पूर्ण अवकाश की घोषणा की जाए ।
