भारत और बांग्लादेश के पेप्सिको अधिकारियों के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान में अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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शिमला। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला में आज “पोटैटो एक्सीलेंस एंड रीजनल ट्रेनर” विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 6 से 8 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में भारत और बांग्लादेश से पेप्सिको के अधिकारी भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रसंस्करण योग्य आलू के उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन, टिकाऊ उत्पादन तथा आलू मूल्य श्रृंखला के विकास के क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ ज्ञान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए डॉ आलोक कुमार, प्रमुख, सामाजिक विज्ञान ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि विभिन्न आलू उत्पादक क्षेत्रों में वैज्ञानिक आलू उत्पादन, गुणवत्ता प्रबंधन तथा संसाधनों के सतत उपयोग को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष विशेषज्ञों एवं क्षेत्रीय प्रशिक्षकों का विकास आवश्यक है।

उद्घाटन अवसर पर डॉ जगदेव शर्मा, निदेशक (कार्यवाहक), केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला ने आलू मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने में प्रसंस्करण योग्य आलू के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने उत्पादकता, प्रसंस्करण गुणवत्ता, संसाधन उपयोग दक्षता, टिकाऊपन तथा किसानों की लाभप्रदता में सुधार के लिए अनुसंधान संस्थानों, किसानों और प्रसंस्करण उद्योग के बीच बेहतर समन्वय एवं सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. वी. के. गुप्ता, प्रधान वैज्ञानिक ने कहा कि यह पहल आलू क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता, टिकाऊपन एवं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए अनुसंधान- उद्योग- किसान संबंधों, मानव संसाधन विकास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को मजबूत करने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के पेप्सिको अधिकारियों की भागीदारी से दक्षिण एशिया में आलू मूल्य श्रृंखला के सतत विकास के लिए क्षेत्रीय ज्ञान-विनिमय तथा उद्योग–अनुसंधान सहयोग को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के तकनीकी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए डॉ शैलेज सूद, वरिष्ठ वैज्ञानिक, ने बताया कि प्रशिक्षण का प्रमुख भाग प्रसंस्करण योग्य आलू की मूल्य श्रृंखला एवं गुणवत्ता प्रबंधन पर केंद्रित है।

कार्यक्रम के दौरान प्रसंस्करण योग्य एवं टेबल आलू के बीच अंतर, उद्योग की आवश्यकताओं, खरीद संबंधी मानकों तथा प्रसंस्करण के लिए आवश्यक प्रमुख गुणवत्ता मानकों पर जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही कटाई के बाद प्रबंधन, भंडारण तकनीक, फसलोत्तर हानि में कमी तथा प्रसंस्करण गुणवत्ता बनाए रखने जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।

पेप्सिको के विशेषज्ञ प्रसंस्करण योग्य आलू के उत्पादन एवं उद्योग की आवश्यकताओं से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा करेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को तकनीकों का प्रत्यक्ष एवं क्षेत्र-उन्मुख अनुभव प्राप्त होगा।

इससे उन्हें वैज्ञानिक ज्ञान को व्यवहारिक रूप में लागू करने तथा किसानों एवं अन्य हितधारकों को प्रभावी तकनीकी सहयोग प्रदान करने में सहायता मिलेगी।

यह कार्यक्रम केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित न होकर एक अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण पहल के रूप में आयोजित किया गया है।

इसका उद्देश्य ऐसे दक्ष विशेषज्ञों एवं क्षेत्रीय प्रशिक्षकों का समूह तैयार करना है, जो विभिन्न आलू उत्पादक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी प्रसार, किसान सहभागिता तथा गुणवत्ता आधारित आलू उत्पादन को बढ़ावा देने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।

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