प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हिमाचल को 46 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने जताया आभार

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शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत बेहतर प्रदर्शन, गुणवत्तापूर्ण कार्य और सड़कों के समयबद्ध निर्माण एवं पूर्णता के आधार पर भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा हिमाचल प्रदेश को 46 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव फंड) जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य के प्रयासों की औपचारिक सराहना है।

विक्रमादित्य सिंह ने भारत सरकार, विशेष रूप से ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रति धन्यवाद प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना ने देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर पहाड़ी और दुर्गम राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

हिमाचल प्रदेश ने इस योजना के लक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए, निर्धारित मानकों के अनुरूप सड़कों का निर्माण, अपग्रेडेशन और रखरखाव सुनिश्चित किया है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को यह प्रदर्शन‑आधारित प्रोत्साहन प्राप्त हुआ है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे संवेदनशील पर्वतीय राज्य में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन की जीवनरेखा हैं।

ऐसे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री महोदय के मार्गदर्शन, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित सहयोग, विभागीय अधिकारियों‑कर्मचारियों के समर्पण तथा जनता के विश्वास का संयुक्त परिणाम है।

विक्रमादित्य सिंह ने विभाग के इंजीनियरों, परियोजना निदेशालय, फील्ड इकाइयों और कार्य एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचे‑नीचे पहाड़ी मार्गों, भूस्खलन, भारी वर्षा और सीमित कार्य अवधि जैसी चुनौतियों के बावजूद, विभाग ने गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता किए बिना सड़कों का निर्माण एवं रखरखाव किया है।

उन्होंने कहा कि पारदर्शी प्रक्रियाएं, आधुनिक तकनीक का उपयोग, नियमित मॉनिटरिंग और तृतीय‑पक्ष गुणवत्ता परीक्षण जैसी व्यवस्थाओं ने भी हिमाचल को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है।

लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि 46 करोड़ रुपये की यह प्रोत्साहन राशि विशेष रूप से दूरदराज, जनजातीय, सीमा और दुर्गम क्षेत्रों में सड़कों की मजबूती, क्रॉस‑ड्रेनेज संरचनाओं, पुलियों, ढाल नियंत्रण कार्यों, ब्लैक‑स्पॉट सुधार और आवश्यकतानुसार अपग्रेडेशन जैसे कार्यों को और गति प्रदान करेगी।

इससे किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने, युवाओं को रोजगार एवं कौशल विकास के अवसरों तक पहुंच, विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानों तक सुरक्षित मार्ग और ग्रामीण जनसंख्या को स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

श्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र और राज्य के सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक सहयोग की भावना के साथ हिमाचल प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई‑III और पीएमजीएसवाई‑IV के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के साथ‑साथ यह प्रोत्साहन राशि “हर गांव तक उत्तम सड़क, हर घर तक संतुलित विकास” के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगी।

लोक निर्माण मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी हिमाचल प्रदेश, ग्रामीण सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में, उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख शासन के साथ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने सभी हितधारकों और प्रदेश की जनता से सहयोग की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि लोक निर्माण विभाग विकास की इस गति को और तेज करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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