पांवटा मामले में पुलिस-प्रशासन पीड़ित के बजाय आरोपित का दे रही साथ : जयराम ठाकुर

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शिमला। शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पांवटा साहिब में जो कुछ भी हो रहा है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस जिस तरीके से पीड़ित परिवार के साथ ज्यादती कर रही है और समुदाय विशेष का साथ दे रही है, वह सरासर गलत है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पक्षपात पूर्ण है। प्रशासन पीड़ित परिवार और उनके सहयोगियों को ही प्रताड़ित करने का काम कर रहा है। प्रशासन और पुलिस का काम न्याय करना है, पीड़ित का साथ देना है न कि सरकार की राजनैतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करना।

पुलिस एक तरफ पीड़ित के साथ न्याय नहीं कर रही है दूसरी तरफ से उन्हें प्रताड़ित करने का प्रयास कर रही है। देवभूमि में इस तरीके के घटनाओं को हम सहन नहीं करेंगे। पुलिस पीड़ित परिवार और उनके सहयोगियों को परेशान करने के बजाय न्यायपूर्ण कार्रवाई करे।

जयराम ठाकुर ने कहा कि घटना के दिन से ही पुलिस का रवैया हैरानी भरा रहा है। पुलिस प्रशासन पहले दिन से ही पूर्वाग्रह से काम कर रही है। पुलिस पीड़ित परिवार के बजाय अपरहण के आरोपी के साथ खड़ी है।

पुलिस आरोपी के परिवार और उनके समर्थकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है जबकि पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही है। प्रशासन की इस हरकत को भाजपा सहन नहीं करेगी।

एक तरफा कार्रवाई करके पुलिस सिर्फ पीड़ित परिवार को और परेशान करना चाहती है। पुलिस अपनी नाकामी छुपाने और अपने राजनैतिक आकाओं को खुश करने के लिए के लिए इस तरीके की कार्रवाई कर रही है जो स्वीकार नहीं है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विभिन्न सोर्सेज के माध्यम से यह सामने आया है कि आरोपित समुदाय ने लापता लड़की का धर्म परिवर्तन भी कराया है जो सरासर गैर कानूनी है।

हिमाचल प्रदेश में हमारी सरकार ने ही धर्म परिवर्तन के कानूनों को सख्त करते हुए हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 को पारित किया था जिसमें गलत तरीके से धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इतना सख्त कानून होने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई करवाई इस मामले में भी नहीं की जा रही है। इसके पीछे सिर्फ एक वजह है कि पुलिस और प्रशासन अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मेरी प्रशासन और सरकार से गुजारिश है कि वह इस मामले में परिवार के साथ किसी भी तरीके का पक्षपात न करे जिससे पीड़ित को न्याय मिल सके, इस तरीके की घटनाओं पर रोक लग सके और शांति का वातावरण स्थापित हो सके।

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