शिमला। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3048 स्कूलों में शिक्षक नही हैं। उन्होंने घोषणा की कि हर विधानसभा में डे बोर्डिंग स्कूल खोले जायेंगे। स्कूलों में स्विमिंग पूल बनाए जाएंगे। जहाँ पुस्तकालय नहीं हैं वहां पुस्तकालय खोले जायेंग।
नए वोकेशनल कोर्स शुरू किए जाएंगे.जिसमें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि मुख्य होंगे। साथ ही हर सीनियर स्कूल में लैब खोली जायेगी। ड्रोन सर्विस कोर्स शुरू होंगे। टाट पर बैठने वाले बच्चों के लिए 40000 बेंच दिए जाएंगे। वहीं खिलाडियों की डाइट मनी 240 कर दी गयी है।
इस वर्ष 40000 नए व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि 101 करोड़ की मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष की स्थापना की गई है।
ज्वालामुखी व सुन्दरनगर में आदर्श सुख आश्रय भवनों का निर्माण किया जाएगा।
अनाथ बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए वाया एयर भी ले जाया जाएगा और थ्री स्टार में ठहराया जाएगा।
उन्होंने नई योजना सीएम विधवा एवं एकल नारी भवन योजना शुरू करने की घोषणा की। इसमें 7000 भवन बनेंगे।
20000 मेधावी छात्राओं को इलेक्टिक स्कूटी के लिए 25000 उपदान दिया जाएगा।
गरीब परिवारों के बच्चों को टेक्निकल, मेडिकल व उच्च फीस वाले कोर्सेज के लिए 1 प्रतिशत की दर पर ऋण दिया जाएगा।
इस के लिए 200 करोड़ के बजट के साथ नई योजना की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार नशे पर लगाम लगाने के लिए वचनवद्ध है। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों पर कड़ा कानून आएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि कृषि पर 70 प्रतिशत लोग निर्भर हैं।
उन्होंने 150 करोड़ के साथ हिम उन्नति नाम से नई योजना शुरू करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जालीदार बाड़ के लिए उपदान मिलेगा।ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत उपदान दिया जाएगा। किसानों को 2 प्रतिशत पर ऋण।
दूध की उचित कीमत और वितरण के लिए नई योजना हिम गंगा शुरू की जाएगी।
इसके लिये 500 करोड़ का बजट रखा गया है। दूध की उचित कीमत मिलेगी। सभी प्लांट अपग्रेड किये जायेंगे।
दर्जी, नाई जैसे छोटे दुकानदारों के लिए नई सीएम लघु दुकानदार योजना की घोषणा। 75000 दुकानदारों को लाभ मिलेगा। अभी 9 प्रतिशत ब्याज लगता है फिर 4 प्रतिशत लगेगा।
जिला परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।
ग्राम पंचायत में भी मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी।
पानी को अभी ब्लीचिंग पाउडर से साफ किया किया जाता है। गैस बेस्ड क्लोरीन फिल्ट्रेशन तकनीक का इस्तेमाल होगा। साथ ही यूवी आधारित तकनीक का भी उपयोग होगा।
इस पर 25 करोड़ खर्च किये जायेंगे।
आर्बिट्रेशन क्लॉज़ हटाया जाएगा। जल शक्ति विभाग में 5000 पद भरे जाएंगे।