शिमला। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने भाजपा को “कलयुगी पांडव” कहा है।
राकेश जमवाल ने कहा कि यह बयान न केवल धर्म और आस्था का अपमान है, बल्कि मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति और कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता को भी उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि पांडव कभी कलयुगी नहीं हो सकते, क्योंकि पांडव धर्म, सत्य और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक हैं जबकि कलयुगी प्रवृत्ति तो कांग्रेस के चरित्र में बस चुकी है।
इसी बौखलाहट में अब मुख्यमंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं जो न केवल धार्मिक आस्थाओं का मज़ाक उड़ाते हैं बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक भावना को भी ठेस पहुँचाते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज कौरवों की कांग्रेस बन चुकी है। सत्ता के मोह में अंधी, धर्म से विमुख और सत्य से कोसों दूर है।
संस्कृति के विरुद्ध खड़ी रही है। राममंदिर के निर्माण का विरोध करने वाली, रामसेतु के अस्तित्व को नकारने वाली,पांडवो को कलयुगी बताने वाली और भारत की मूल पहचान से दूरी बनाने वाली कांग्रेस आज भी उसी राह पर चल रही है।
कांग्रेस नेताओं की भाषा, उनके वक्तव्य और नीतियां बार-बार यह साबित करती हैं कि वे भारत की आध्यात्मिक चेतना को समझ ही नहीं पाए। सुक्खू सरकार भी उसी सोच का विस्तार है, जो धर्मनिष्ठ जनता को अपमानित करने में विश्वास रखती है।
राकेश जमवाल ने कहा कि आने वाले समय में जनता ही कौरवी कांग्रेस का अंत करेगी, और सच्चे पांडव यानि धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने वाले भाजपा कार्यकर्ता इस अधर्म के अंधकार को मिटाकर धर्म की स्थापना करेंगे।
मुख्यमंत्री सुक्खू को याद रखना चाहिए कि जो “पांडवों” को कलयुगी कहने की भूल करता है, इतिहास में उसका नाम सदैव अधर्म और पराजय के प्रतीक के रूप में लिखा जाता है।
