8 दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन

Spread with love

शिमला। अष्ट भुजा जागरण सोसाइटी द्वारा संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन संपन्न
अष्ट भुजा जागरण सोसाइटी द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन 7 जून से 14 जून तक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, छोटा शिमला परिसर में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ आयोजित किया गया।

आठ दिवसीय इस पावन आयोजन में प्रख्यात आचार्य नड्डा जी ने अपने ओजस्वी, मधुर एवं ज्ञानवर्धक प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म का अमूल्य संदेश प्रदान किया। कथा श्रवण हेतु प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भक्ति रस का आनंद लिया।

आचार्य जी ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से धर्म, सत्य, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों का सरल, सहज और प्रेरणादायक ढंग से वर्णन करते हुए जनमानस को आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा दी।

अपने प्रवचनों में आचार्य जी ने विशेष रूप से माता-पिता एवं शिक्षक वर्ग का आह्वान करते हुए कहा कि बच्चों को बाल्यावस्था से ही धर्म, संस्कार, भारतीय संस्कृति तथा पुराण, वेद एवं अन्य धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुदृढ़ संस्कार ही समाज में बढ़ती अव्यवस्था, सामाजिक कुरीतियों एवं नैतिक पतन को रोकने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।

सभा के सदस्यों राकेश विज एवं रमन विज ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा के समापन अवसर पर आचार्य नड्डा जी के प्रेरणादायक प्रवचनों, सत्संग, हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

उन्होंने बताया कि 11 एवं 13 जून को रात्रि 7:30 बजे प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, कल्याण तथा जनमानस की आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष महामंत्र जाप एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन भी किया गया।

राकेश विज एवं रमन विज ने आगे बताया कि सभा के सभी सदस्यों, विशेष रूप से राजीव जैतिक, राजू राही, लखनपाल जी एवं अन्य सहयोगियों के समर्पण, सेवा-भावना और अथक प्रयासों से यह आयोजन सफलतापूर्वक एवं गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

समस्त श्रद्धालुओं एवं छोटा शिमला क्षेत्रवासियों ने अष्ट भुजा जागरण सोसाइटी द्वारा आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन एवं पुण्य लाभ के अवसर के लिए सभा के सभी सदस्यों के प्रति हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की कामना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: