नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठन होगा और अधिक सशक्त : कर्ण नंदा

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VB-G RAM G अधिनियम से ग्रामीण भारत को मिलेगा रोजगार, अवसंरचना और आत्मनिर्भरता का नया आधार

शिमला। भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने बताया कि उन्होंने भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भाजपा केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष से संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर अनौपचारिक किंतु अत्यंत सार्थक बातचीत भी हुई।

कर्ण नंदा ने कहा कि नितिन नबीन का समृद्ध संगठनात्मक अनुभव, कार्यकुशल नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच भारतीय जनता पार्टी को संगठनात्मक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगी।

उनके नेतृत्व में भाजपा का संगठन जन-जन तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा तथा पार्टी का कार्य-तंत्र अधिक अनुशासित, समन्वित और परिणामोन्मुख बनेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिन नबीन के मार्गदर्शन में संगठन नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ेगा।

इस अवसर पर कर्ण नंदा ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G अधिनियम, 2025 को लेकर उठ रहे सामान्य प्रश्नों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम बीस वर्ष पुराने मनरेगा का एक ऐतिहासिक और संरचनात्मक पुनर्गठन है, जो विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण भारत के लिए एक आधुनिक, पारदर्शी एवं परिणाम- आधारित वैधानिक ढांचा स्थापित करता है।

इस अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों की सीमा से एक बड़ा और प्रभावी सुधार है।

कर्ण नंदा ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण पर केंद्रित एक समग्र विकास मॉडल है।

इस अधिनियम के चार प्रमुख स्तंभ जल सुरक्षा के अंतर्गत जल संरक्षण, जल संचयन और जल से जुड़े कार्य, कोर ग्रामीण अवसंरचना के तहत सड़क, संपर्क और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार आजीविका से संबंधित अवसंरचना के माध्यम से भंडारण, बाजार और उत्पादन परिसंपत्तियों का निर्माण तथा जलवायु लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए बाढ़, सूखा और अत्यधिक मौसमीय घटनाओं से निपटने वाले कार्य हैं।

इन सभी कार्यों से निर्मित परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक में समेकित किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित, डेटा-आधारित और दीर्घकालिक विकास रणनीति सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम मनरेगा की सीमाओं को दूर करते हुए रोजगार की अवधि बढ़ाने के साथ-साथ योजनाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में भी बड़ा सुधार करता है।

जहां मनरेगा के अंतर्गत कार्य विभिन्न श्रेणियों में बिखरे हुए थे, वहीं VB-G RAM G अधिनियम रणनीतिक अवसंरचना पर केंद्रित है। इसके तहत विकसित ग्राम पंचायत योजना को अनिवार्य बनाया गया है, जिन्हें राष्ट्रीय स्थानिक प्लेटफॉर्म जैसे PM गति-शक्ति से जोड़ा जाएगा, जिससे योजना निर्माण अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।

कर्ण नंदा ने कहा कि इस अधिनियम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उत्पादक परिसंपत्तियों के निर्माण, बढ़ी हुई आय और जलवायु लचीलेपन के माध्यम से नई मजबूती मिलेगी।

जल सुरक्षा से कृषि गतिविधियों को बल मिलेगा, कोर ग्रामीण अवसंरचना से बाजारों तक पहुंच सुदृढ़ होगी और आजीविका अवसंरचना से ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे।

साथ ही 125 दिनों की रोजगार गारंटी से ग्रामीण परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे गांवों की आंतरिक अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को इस अधिनियम से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा क्योंकि चरम कृषि अवधि के दौरान सार्वजनिक कार्यों को स्थगित करने का प्रावधान रखा गया है। इससे कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहेगी और मजदूरी में अनावश्यक वृद्धि को रोका जा सकेगा, जिससे उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी।

कर्ण नंदा ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत” के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी पहल है, जो ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

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