शिमला। आर जी कर मेडिकल कॉलेज कोलकाता के द्वितीय वर्ष के पीजी छात्रा की नृशंस हत्या से भारत का पूरा चिकित्सा जगत स्तब्ध है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
इस जघन्य अपराध को कैंपस की तीसरी मंजिल पर सेमिनार हॉल के अंदर अंजाम दिया गया है। यह मानने के कई कारण हैं कि हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था। यह अपराध परिसर में व्याप्त अराजकता एवं असुरक्षा का सूचक है।
आईएमए हिमाचल प्रदेश राज्य शाखा ने भारत की इस अनमोल बेटी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया और मौजूदा बेहद परेशान करने वाली घटना की निंदा की।
डॉक्टर विशेषकर महिलाएं हिंसा की स्थितियों के प्रति संवेदनशील होती हैं, जिसके कारण परिसर के अंदर इस अपराध को बेधड़क अंजाम दिया जा सका।
डॉ राजेश कुमार वर्मा, मानद सचिव, आईएमए ने कहा यदि शिक्षा के गढ़ों में सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती तो यह प्रशासन की अक्षमता को ही दर्शाता है।
डॉ राजेश ने कहा कि भारत का संपूर्ण चिकित्सा जगत शोक संतप्त परिवार और उनके सहयोगियों के साथ खड़ा है। अभी कुछ समय पहले ही केरल के एक तालुक अस्पताल में एक और युवा रेजिडेंट महिला डॉक्टर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के कार्यस्थलों पर व्याप्त विषाक्त वातावरण के बढ़ते प्रमाण इस पेशे की प्रकृति के कारण हैं। अस्पतालों और परिसरों के अंदर डॉक्टरों की सुरक्षा प्रदान करना अधिकारियों का काम है।
डॉ राजेश ने बताया कि आईएमए की मांग है कि मामले की निष्पक्ष गहन जांच और दोषियों को सजा हो, अपराध को सक्षम करने वाली स्थितियों की विस्तृत जांच हो और कार्यस्थल पर डॉक्टरों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
उन्होंने मांग की कि अधिकारी सटीकता से और 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करें, ऐसा न करने पर आईएमए राष्ट्रव्यापी कार्रवाई शुरू करने के लिए बाध्य होगा। निष्पक्ष, पारदर्शी और समय के प्रति संवेदनशील आपराधिक जांच आवश्यक है। दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा आईएमए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा।
