मंडी जिले ने लगभग 993 हेक्टेयर में पौधे लगाने का कार्य किया पूरा
शिमला। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जनशिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत पौधरोपण एवं खेत तैयार करने (फील्ड प्रिपरेशन) संबंधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के सात जिलों में क्रियान्वित की जा रही है।
उन्होंने परियोजना के तहत निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप किए जा रहे कार्यों तथा जुलाई 2026 में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान निर्धारित कार्य-बिंदुओं एवं दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की।
बैठक में अवगत करवाया गया कि मंडी जिले ने लगभग 993 हेक्टेयर में पौधे लगाने का कार्य पूरा कर लिया है जोकि एचपी शिवा के सभी सात जिलों में सबसे ज्यादा प्रगति है।
बागवानी मंत्री ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और तय समय-सीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के निर्देश दिए।
बैठक में अवगत करवाया गया कि परियोजना के अंतर्गत मार्च 2027 तक 3,000 हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक, लगभग 2,600 हेक्टेयर भूमि पौधे लगाने के लिए तैयार की जा चुकी है।
गत तीन वर्षों में इस परियोजना के तहत लगभग 9 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। जगत सिंह नेगी ने मौजूदा पौधारोपण सीजन के दौरान चल रहे पौधारोपण कार्यों की भी समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ क्लस्टरों में नर्सरियों से आपूर्ति किए गए पौधे तय तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं थे। बागवानी मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्लस्टरों में केवल तय तकनीकी मानकों को पूरा करने वाले पौधे ही लगाए जाएं।
उन्होंने पैनल में शामिल नर्सरी संचालकों को भी तय मानकों और गुणवत्ता के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप-निदेशकों को निर्देश दिए गए कि सप्लाई के दौरान संबंधित नर्सरी में एक अधिकारी तैनात किया जाए। यह अधिकारी प्लांटिंग मैटेरियल की गुणवत्ता और स्पेसिफिकेशन की निगरानी करेंगे साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि तय क्लस्टर तक सिर्फ बेहतर गुणवत्ता के पौधे ही पहुंचाए जाएं।
बैठक में अवगत करवाया गया कि पौधे लगाने के मौजूदा सीजन में, सितंबर 2026 तक लगभग 6 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
जगत सिंह नेगी ने धरातल पर पर कड़ी निगरानी, टेक्निकल स्पेसिफिकेशन का सख्ती से पालन और पौधे लगाने व उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को समय पर पूरा करने पर बल दिया, ताकि परियोजना के लक्ष्यों को तय समय-सीमा के भीतर हासिल किया जा सके।
