शिमला। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला में क्षेत्रीय निदेशक, राकेश वर्मा की अध्यक्षता में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि सुधा सिंह, सहायक निदेशक (राभा) मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय एवं सचिव नराकास, शिमला ने भाग लिया।
कार्यशाला में युवा सहकार योजना विषय पर व्याख्यान व विस्तारपूर्वक चर्चा की एवं अपने विचार रखे। चर्चा में शिक्षित युवाओं को सहकारिता क्षेत्र से कैसे जोडा जाए इस पर गम्भीर मंथन किया गया।
राकेश वर्मा ने युवा सहकार योजना पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में 7 जुलाई 2021 को भारत सरकार द्वारा नये सहकारिता मंत्रालय के गठन से सहकारिता क्षेत्र को बहुत उम्मीदे जागी हैं।
उन्होंने कहा आने वाले दिनों में सहकारिता का दायरा भी बढ़ेगा व सहकारिता किसी क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं रहेंगा । सहकारिता में अभी नए-2 प्रयोग किये जाने है व नए-2 आविष्कार भी होंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षित युवाओं को सहकारिता के क्षेत्र में कैसे आकर्षित कर जोड़ा जाये। इस पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के युवा को निजी व सार्वजनिक क्षेत्र की तो जानकारी है व इन्ही में अपनी आजीविका को देखता है जबकि उसकी नजर में सहकारिता को आउटडेटिड फेशन वाला प्रोफेशन समझा जाता है। जिसकी वजह से सहकारिता क्षेत्र शिक्षित युवाओं से वंचित है। समय आ गया है कि अब लीक से हटकर सोचा जाए।
क्षेत्रीय निदेशक दवारा यह भी सुझाव दिया गया कि सहकारिता जागरूकता के लिए इसे स्कूली शिक्षा में एक विषय पाठयक्रम के तौर पर जोड़ा जाना चाहिए । विधायार्थी को शिक्षा के साथ-2 सहकारिता क्षेत्र की भी जानकारी मिल सकें ताकि इस क्षेत्र के प्रति भी उनकी रूचि पैदा हो।
कृषि मंत्रालय द्वारा देश भर में अगले 5 वर्षोँ में 10,000 एफपीओज (फार्मर्स प्रोडूसर ओर्गेनाइजेशनसंस) का गठन किया जाना है । जिनका फार्मेशन व प्रमोशन “क्लस्टर बेस्ड बिजनेस ओर्गेनाइजेशनसंस (सीबीबीओज) के माध्यम से किया जायेगा।
इसी प्रकार एफएफपीओज (फिश फार्मर्स प्रोडूसर ओर्गेनाइजेशनसंस) का गठन भी मत्स्यपालन विभाग भारत सरकार द्वारा किया जाना है। वह भी सीबीबीओज के माध्यम से किये जाने हैं, सीबीबीओ के चयन प्रक्रिया हेतु कुछ निर्धारित योग्यता, नियम व शर्तें रखी गई हैं ।
युवा अपने ही गृह राज्य जिले में रहकर उत्कृष्टता से कार्य करते हुए अपनी पहचान बनायेगा द्य इससे हिमाचल प्रदेश में कृषि का भी विकास होगा। आजकल कोविड-19 के चलते बहुत से युवक घर से काम कर रहे हैं। कुछ एक युवकों की नौकरियां भी छुट गई हैं, जबकि इस प्रकार के अनुभवी युवाओं का जुड़ना भी तय माना जाए।
आज हमारे देश का युवा हर क्षेत्र में अपना परचम दिखा चूका है। बेहतर होगा कि यदि जिस राज्य में एफपीओ का गठन किया जाना है, सीबीबीओ भी उसी राज्य के हों तो, जिससे आगे एफपीओ गठन में तीव्रता व अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
