शिमला। हिमाचल सरकार को हाईकोर्ट से आज एक बड़ा झटका लगा है। सरकार द्वारा लगाए गए छह मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा हटा दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने आज सीपीएस केस पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इस केस की सुनवाई जून महीने में पूरी हो गई थी। हाईकोर्ट ने तब अपना फैसला सुरक्षित रख दिया था।
मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने साल 2006 के सीपीएस एक्ट को भी निरस्त कर दिया है। इसके साथ सभी सीपीएस की सरकारी सुविधाएं भी वापस लेने के आदेश दिए हैं। वैसे वास्तविक वस्तुस्थिति कोर्ट के पूरे निर्णय सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
कांग्रेस के 6 विधायकों को सीपीएस बनाए जाने के बाद एक महिला के अलावा बीजेपी के 11 विधायकों और एक संस्था ने सीपीएस की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए हिमाचल हाईकोर्ट में केस दायर किया था।
बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल, पालमपुर के आशीष बुटेल, रोहडू के एमएल ब्राक्टा, कुल्लू के सुंदर सिंह ठाकुर, अर्की के संजय अवस्थी और दून के राम कुमार चौधरी को सीपीएस बनाया गया था।