शिमला। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिघर सूद और सचिव डेजी ठाकुर ने कहा की हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के साथ अन्याय होता दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस की वर्तमान सरकार को कोरोना महामारी के समय जनता की सेवा करने वाले योद्धा नहीं दिखे और हद तो तब हो गई जब एक महिला ने कांगड़ा में मुख्यमंत्री के पैर पड़े और गिड़गिड़ाते हुए अपनी नौकरी के लिए भीख मांगी, तब भी मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं किया।
लगता है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पत्थरदिल हो गए हैं। वो केवल मात्र वो ही निर्णय ले रहे हैं जो उनको और उनके जत्थे को पसंद आ रहे हैं। महिला कर्मचारियों को होने वाली परेशानी तो मुख्यमंत्री को दिख नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि रात 11 बजे भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर रहे हैं और बड़ी बात यह है कि महिला उस प्रदर्शन में बड़ी संख्या और अग्रिमी भूमिका में भाग ले रही हैं। एक महिला ने तो मुख्यमंत्री से जहर की गुहार ही लगा दी।
इससे पाता चलता है कि हिमाचल प्रदेश में महिला सम्मान का क्या स्थिति है। शायद मुख्यमंत्री महिला शक्ति का दर्द समझते नही हैं। उनके छोटे छोटे बच्चे होते हैं जो घर पर हैं और इस सरकार की वजह से महिलाएं सड़कों पर हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज़ में महिलाएं प्राचीन समाज और आधुनिक कहे जाने वाले समाज में उपेक्षित ही रही हैं। जिस तरह हिमाचल प्रदेश की महिलाओं को कम से कम सम्मान, सुविधाओं, अधिकारों और उन्नति के अवसरों से दूर रखा जाता रहा है, इसी कारण महिलाओं की परिस्थिति अत्यन्त निचले स्तर पर है।
कांग्रेस राज़ में नौबत यहां तक पहुंच चुकी है कि महिलाओं का व्यक्तित्व मुख्यमंत्री के कदमों में झुकता दिखाई दिया। जिस वीडियो में कर्मचारी महिला मुख्यमंत्री के कदमों में गिड़गिदारी नज़र आई वो किसी महिला के तिरस्कार से कम नहीं।
प्रदेश की महिलाओं से हो रही निर्लजता और घिनौनी हरकतें प्रदेश की छवि को शर्मसार कर रही है। कांग्रेस राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। कोटखाई गुड़िया प्रकरण में दरिंदगी की हदें भी इनके ही राज़ में लांघी गयी थी। मुख्यमंत्री का गृह जिला भी महिलाओं की असुरक्षा का सामना कर रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
