इस महीने होगा 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों के बकाया का भुगतान
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिले के प्रागपुर में आयोजित 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं दीं। यह प्रागपुर में आयोजित पहला समारोह था।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड टुकड़ियों से सलामी ली। परेड का नेतृत्व परेड कमांडर आईपीएस अधिकारी तरुणा ने किया।
परेड में आईआरबीएन जंगलबैरी, आईआरबीएन सकोह, आईआरबीएन पंडोह, पुलिस जिला नूरपुर, होमगार्ड महिला बटालियन धर्मशाला, होमगार्ड पुरुष और महिला बटालियन धर्मशाला, एसडीआरएफ पंडोह, धर्मशाला ट्रैफिक पुलिस, वन मित्र, एनसीसी राजकीय महाविद्यालय ढलियारा, स्काउट्स एंड गाइड्स और अन्य इकाइयों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के अमूल्य योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों और बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आयोग के गठन के लिए आगामी विधानसभा बजट सत्र में एक विधेयक पेश करेगी।
उन्होंने जसवां विधानसभा क्षेत्र के प्रागपुर में एसडीएम कार्यालय और नल्सूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली तो पूर्व सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन बकाया के रूप में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां छोड़ी थीं। वर्तमान में यह राशि 8,555 करोड़ रुपये है।

कठिन वित्तीय हालात के बावजूद उन्होंने जनवरी माह में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की लंबित पेंशन और पारिवारिक पेंशन बकाया का पूरा भुगतान करने की घोषणा की। इसके लिए 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जो 1 जनवरी, 2016 और 31 दिसंबर, 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, उनका पेंशन और अन्य लाभ में संशोधन के कारण ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का एरियर बना है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्रेच्युटी के बकाए के अतिरिक्त 50 प्रतिशत और लीव एनकैशमेंट के बकाए के 70 प्रतिशत का भुगतान उन्हें जनवरी माह में किया जाएगा। राज्य सरकार के इस देनदारी पर 96 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस अवसर के जरिए 55 वर्षों की उपलब्धियों का आकलन करने और आने वाले वर्षों में राज्य को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, इस पर विचार करने का मौका मिला है।
इस जिम्मेदारी और विजन के साथ, राज्य सरकार ‘समृद्ध हिमाचल विजन’ नाम का एक दस्तावेज तैयार कर रही है जो अब अपने अंतिम चरण में है।

उन्होंने कहा कि यह विजन दस्तावेज राज्य के लोगों, विशेषज्ञों, प्रशासन और संस्थानों के साथ बड़े पैमाने पर संवाद करके तैयार किया जा रहा है। दस्तावेज का मसौदा बनाते समय हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण, मेहनती लोगों की आकांक्षाओं और समृद्ध सामाजिक परंपराओं का पूरा ध्यान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसी विकासात्मक योजना बनाना है जो पर्यावरण के अनुकूल, आपदा प्रतिरोधी और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चले।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह विजन एक साझा रोडमैप के तौर पर कार्य करेगा, जो विकास और जिम्मेदारी, प्रगति और पर्यावरण संरक्षण, आकांक्षाओं और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाए रखेगा ताकि हिमाचल प्रदेश अपनी अलग पहचान को बनाए रखते हुए लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सके।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 46,862 करोड़ रुपये मिले थे जबकि मौजूदा सरकार को अब तक सिर्फ 18,903 करोड़ रुपये मिले हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कुल केंद्रीय हस्तांतरण को ध्यान में रखा जाए, तो भाजपा सरकार के दौरान यह राशि 1,16,000 करोड़ रुपये थी जबकि मौजूदा सरकार को आज तक सिर्फ 70,191 करोड़ रुपये मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जीएसटी मुआवजे के तहत भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 12,861 करोड़ रुपये दिए गए जबकि हमारी सरकार के कार्यकाल में यह मुआवजा राशि बंद कर दी गई है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रदेश सरकार संसाधनों की लूट की इजाजत नहीं देगी जबकि पूर्व सरकार ने राज्य के हितों से समझौता किया था।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल और कड़छम-वांगतू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े कानूनी मामलों में जीत हासिल की है।
प्रदेश सरकार पड़ोसी राज्यों से बीबीएमबी का बकाया वसूलने और चंबा जिले में बैरा सियूल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और मंडी जिले में शानन परियोजना को पंजाब सरकार से वापस लेने के लिए मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरे उत्तर भारत को शुद्ध वायु, पानी, बिजली और पारिस्थितिकीय संतुलन देता है। राज्य के पास लाखों करोड़ो रुपये की वन संपदा है।
उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते तो अपना सारा कर्ज चुकाने के लिए एक वर्ष में अपने जंगल बेच सकते थे, लेकिन हम ऐसा गैर-जिम्मेदाराना कदम कभी नहीं उठाएंगे।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा बनाई गई वेब सीरीज ‘द व्हाइट ट्रुथ’ भी रिलीज की। इस वेब सीरीज का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना है। विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने परेड में शामिल प्रतिभागियों और सांस्कृतिक दलों को भी सम्मानित किया।
