चुनावी हार की बौखलाहट में जल शक्ति विभाग का ईएनसी प्रोजेक्ट का कार्यालय किया स्थानांतरित : राकेश जमवाल

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मंडी। भाजपा मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर मंडी जिले के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम, जिला परिषद और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री बौखला गए हैं और अब राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से मंडी के हितों पर लगातार प्रहार कर रहे हैं।

जमवाल ने कहा कि मंडी से जल शक्ति विभाग का ईएनसी परियोजना कार्यालय को फतेहपुर, कांगड़ा स्थानांतरित करने का निर्णय इसी राजनीतिक प्रतिशोध का ताजा उदाहरण है।

भाजपा का कांगड़ा से कोई विरोध नहीं है, लेकिन वर्षों से मंडी में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे कार्यालय को अचानक हटाने के पीछे सरकार कोई तार्किक कारण बताने में असमर्थ है। स्पष्ट है कि यह प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक फैसला है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं मंडी नगर निगम चुनाव में प्रचार करने आए थे और बड़ी-बड़ी घोषणाएं की थीं। उन्होंने यहां तक कहा था कि जहां कांग्रेस का पार्षद जीतेगा, वहां विकास के लिए 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।

लेकिन मंडी की जागरूक जनता ने कांग्रेस के झूठे वादों को नकारते हुए 14 में से 12 सीटें भाजपा की झोली में डाल दीं। इसके बाद जिला परिषद चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो गया।

राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मंडी की जनता द्वारा दिए गए इस जनादेश को पचा नहीं पा रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव परिणाम आते ही मंडी को कमजोर करने और यहां के संस्थानों को बाहर ले जाने की साजिश शुरू कर दी गई है। यह फैसला मंडी के लाखों लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार ने मंडी सहित पूरे प्रदेश के विकास को रोकने का काम किया है।

भाजपा सरकार के समय स्वीकृत अनेक परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, दर्जनों संस्थानों को डिनोटिफाई किया गया, कार्यालय बंद किए गए और विकास कार्यों को जानबूझकर रोका गया। आज प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा वर्ग हो जो कांग्रेस सरकार से संतुष्ट हो।

जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी है, कर्मचारी और पेंशनर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, किसानों-बागवानों की समस्याएं अनसुलझी हैं, कानून व्यवस्था बदहाल है और आर्थिक कुप्रबंधन के कारण हिमाचल अभूतपूर्व वित्तीय संकट से गुजर रहा है। सरकार के पास न विकास का विजन है और न ही जनहित की कोई नीति।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। चुनाव हारने का बदला किसी जिले या क्षेत्र से नहीं लिया जा सकता। मंडी की जनता ने कांग्रेस को उसकी विफलताओं के कारण नकारा है और यदि सरकार ने भेदभावपूर्ण रवैया नहीं छोड़ा तो जनता इसका और करारा जवाब देगी।

राकेश जमवाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा मंडी के हितों पर किसी भी प्रकार का आघात सहन नहीं करेगी। यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया और मंडी के साथ भेदभाव जारी रखा तो भारतीय जनता पार्टी सड़क से लेकर सदन तक जोरदार आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि हालिया चुनाव परिणाम इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से पूरी तरह मोहभंग कर चुकी है। नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों में कांग्रेस की हार आगामी विधानसभा चुनावों का ट्रेलर है।

आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होगा और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

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