शिमला। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के डिप्टी संयोजक संजय भारद्वाज ने चिट्टा (हेरोइन/सिंथेटिक ड्रग्स) ने तस्करों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वह अपने कारोबार से बाज नहीं आएंगे, तो सरकार की तरफ से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री सुक्खू का सख्त रुख है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी नशे के कारोबार में पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और उसकी नशे से अर्जित संपत्ति ध्वस्त की जाएगी। साथ ही चिट्टा तस्करों को सरकारी सुविधाएं (बिजली, पानी आदि) नहीं दी जाएंगी।
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जो खासकर युवाओं को प्रभावित कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बार-बार “चिट्टा मुक्त हिमाचल” का संकल्प दोहराया है। हाल के महीनों में कई सरकारी कर्मचारियों (पुलिस सहित) पर नशा तस्करी में मिलीभगत के मामले सामने आए हैं। कुछ पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया गया है।
भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने नशा निवारण बोर्ड बनाया, जागरूकता अभियान (“खेलो हिमाचल, चिट्टा मुक्त अभियान”) और प्रत्येक जिले में वॉकथॉन चलाए। आने वाले दिनों में कई अन्य बड़े जागरूक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएगी ।
