चेस्टर हिल घोटाले की हाई कोर्ट जज से हो जांच : रणधीर शर्मा

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शिमला। भाजपा मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता तथा विधायक रणधीर शर्मा ने आज आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और ईमानदारी का ढोंग कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि सोलन के चेस्टर हिल भूमि प्रकरण ने प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों का बचाव करना पड़ा, वह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां सफाई देने अधिकारी खुद सामने आएं और सरकार मौन रहे, वहां दाल में काला नहीं, पूरी दाल ही काली है।

उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा प्रेस वार्ता में कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेने से प्रदेश में सनसनी का माहौल बन गया है और आम जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को न केवल बचा रही है बल्कि उन्हें एक्सटेंशन देकर महत्वपूर्ण पदों पर बैठा रही है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय आज फैसलों का केंद्र कम और कमीशन कल्चर का अड्डा ज्यादा बन चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ठेकेदारों के भुगतान तक कथित कमीशन के आधार पर हो रहे हैं।

रणधीर शर्मा ने एंट्री टैक्स के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में एक बात कही और उसी दिन जारी अधिसूचना में कुछ और लागू कर दिया।

उन्होंने कहा कि 5-सीटर वाहनों पर 100 एंट्री टैक्स लगाकर सरकार ने सीधे आम जनता की जेब पर हमला किया है।

उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल को बॉर्डर पर अराजक स्थिति देखने को मिली। कहीं पुराने बढ़े हुए रेट वसूले गए और
कहीं नई अधिसूचना के अनुसार टैक्स लिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला न केवल व्यापार, टैक्सी ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टर्स पर बोझ है बल्कि इससे महंगाई भी बढ़ेगी और पर्यटन उद्योग को भी नुकसान होगा।

रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायती राज चुनाव टालने और उसमें धांधली करने की साजिश रच रही है।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च को रोस्टर जारी होना था, लेकिन सरकार ने बैकडेट में अधिसूचना जारी कर उपायुक्तों को 5% तक बदलाव की शक्ति दे दी।

उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243(D) और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसा कानूनी विवाद पैदा करना चाहती है जिससे चुनाव टल जाएं, क्योंकि सरकार को अपनी हार का डर सता रहा है।

रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का बजट पूरी तरह दिशाहीन है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर हिमाचल का नारा सिर्फ कागजों तक सीमित है, हकीकत में प्रदेश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है।

रणधीर शर्मा ने मांग की कि चेस्टर हिल सहित सभी भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हाईकोर्ट के सिंगल जज से करवाई जाए ताकि “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार, तानाशाही और जनविरोधी फैसलों को जनता के बीच उजागर करेगी।

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