शिमला। हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन द्वारा राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश के बहुप्रतीक्षित बल्क ड्रग पार्क की प्रगति को लेकर उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्न पर केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी देते हुए परियोजना की वर्तमान स्थिति, वित्तीय प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति, देरी के कारणों तथा आगामी कार्ययोजना से सदन को अवगत कराया।

इसमें जलापूर्ति प्रणाली, विद्युत अवसंरचना, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) विद ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD), स्टीम जनरेशन सिस्टम, कॉमन वेयरहाउस, सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी अपने हिस्से के रूप में 118.46 करोड़ स्वीकृत किए हैं तथा 35.53 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।
वहीं कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, स्टीम जनरेशन सिस्टम, कॉमन वेयरहाउस, सॉल्वेंट रिकवरी सिस्टम, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर, एडवांस्ड लेबोरेटरी टेस्टिंग सेंटर, सेफ्टी एवं हैजार्डस ऑपरेशन ऑडिट सेंटर तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहित कई अन्य अवसंरचना परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं या निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
हालांकि 25 सितंबर 2025 को पर्यावरण स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना में उल्लेखनीय तेजी आई है तथा अधिकांश महत्वपूर्ण अवसंरचना पैकेज अब क्रियान्वयन अथवा उन्नत खरीद (Procurement) चरण में पहुंच चुके हैं।
राज्यों से प्राप्त अनुरोधों और परियोजनाओं की प्रगति को देखते हुए ‘Promotion of Bulk Drug Parks’ योजना की अवधि वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दी गई है।
इसके पूर्ण होने से प्रदेश में फार्मास्यूटिकल उद्योग को नई गति मिलेगी, हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, निवेश आकर्षित होगा तथा हिमाचल प्रदेश देश के फार्मा सेक्टर में अपनी अग्रणी भूमिका को और अधिक मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि वे लगातार संसद के माध्यम से हिमाचल प्रदेश से जुड़े विकासात्मक विषयों को मजबूती से उठा रहे हैं ताकि प्रदेश को केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
