शिमला। फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के ब्रेस्ट और एंडोक्राइन सर्जरी तथा रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग ने मिलकर आधुनिक तकनीक की मदद से कई कैंसर मरीजों का सफल इलाज किया है।
इसमें ब्रेस्ट बचाने वाली सर्जरी और एलेक्टा वर्सा एचडी मशीन (सरफेस गाइडेड रेडिएशन थेरेपी -एसजीआरटी) का उपयोग किया गया, जिससे इलाज और भी बेहतर और सुरक्षित बन पाया है।
डॉ नरेंद्र भल्ला (डायरेक्टर, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) और डॉ. नवल बंसल (सीनियर कंसल्टेंट, ब्रेस्ट और एंडोक्राइन सर्जरी) की टीम ने हाल ही में 28 साल की एक महिला मरीज का इलाज किया, जिसे बाएं ब्रेस्ट में कैंसर था।
मरीज में ब्रेस्ट के आकार में बदलाव, निप्पल का अंदर जाना, लालिमा और घाव जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। फोर्टिस मोहाली में जांच के दौरान पता चला कि कैंसर शुरुआती स्टेज में है।
पहले ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में पूरा ब्रेस्ट और आसपास की लिम्फ नोड्स निकाल दी जाती थीं, लेकिन मरीज की उम्र को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने ब्रेस्ट बचाने वाली सर्जरी की। इसके साथ ही सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी के जरिए जरूरी जांच भी की गई।
सर्जरी के दौरान निकाले गए टिशू के सैंपल की तुरंत जांच की गई, जिसमें पाया गया कि ट्यूमर पूरी तरह हट चुका है और लिम्फ नोड्स में कैंसर नहीं फैला है। मरीज को अगले ही दिन बिना किसी पाइप के डिस्चार्ज कर दिया गया।
सर्जरी के बाद मरीज को डॉ. भल्ला की देखरेख में सटीक रेडिएशन थेरेपी दी गई। एलेक्टा वर्सा एचडी जैसी आधुनिक मशीन से रेडिएशन बहुत ही सटीक तरीके से दिया गया, जिससे कैंसर वाले हिस्से पर पूरा असर हुआ और आसपास के स्वस्थ हिस्से सुरक्षित रहे।
डॉ. भल्ला ने बताया कि यह केस आधुनिक रेडिएशन तकनीक की सफलता को दिखाता है, जिससे बिना ज्यादा तकलीफ के असरदार इलाज संभव है।
वहीं, डॉ. बंसल ने कहा कि सही सर्जरी के बाद सटीक रेडिएशन देने से ट्यूमर पूरी तरह हटता है, शरीर को कम नुकसान होता है, कैंसर के दोबारा होने का खतरा कम होता है और मरीज को लंबे समय तक बेहतर परिणाम मिलते हैं।
