शिमला। हिमाचल के बिलासपुर जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। इस हादसे में अभी तक 15 लोगों के मरने की सूचना प्राप्त हुई है। तीन बच्चों को जीवित बचा लिया गया है और उनका इलाज बरठीं अस्पताल और एम्स बिलासपुर में किया जा रहा है।

बिलासपुर में आज सुबह से ही कई जगह बारिश हो रही थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण बस मंगलवार शाम बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल में भल्लूपुल के पास अचानक हुए बड़े भूस्खलन में फंस गई। पहाड़ का मलबा बस पर गिर जाने के बाद बस की केवल छत नजर आ रही थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों व पुलिस प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य चलाया।

प्राप्त सूचना के अनुसार ज्यादातर मलबा हटाया जा चुका है। बस में 17 ही लोगों के सवार होने की सूचना अभी तक मिली है। बचे हुए मलबे को हटाने का काम जारी है, ताकि कोई और यात्री बस में दबा हो तो उसे बचाया जा सके।

एडीसी, बिलासपुर ओम कांत ठाकुर और पुलिस अधीक्षक संदीप धवल के अलावा स्थानीय एसडीएम राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दुखद बस दुर्घटना पर गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त की है जिसमें लगभग 15 लोगों की जान चली गई और कुछ अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री राज्य की राजधानी से प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और उन्होंने सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में दुखद दुर्घटना पर गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त की है। सुक्खू ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया और स्थानीय प्रशासन को घायलों, विशेषकर बच्चों को सरकारी खर्च पर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया है।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा कि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुई एक दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राशि दी जाएगी। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
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