पूछा, क्या भाजपा आरडीजी के पक्ष में है या नहीं
शिमला। प्रदेश की राजनीति विधानसभा के बजट सत्र से पहले ही गरमा गई है। सीएम सुक्खू ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को सबसे पहले सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के हक और अधिकारों की लड़ाई में सरकार के साथ खड़ी होगी या नहीं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे विशेष परिस्थितियों वाले राज्य के लिए आर्थिक मुद्दे राजनीति से ऊपर होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से जुड़े वित्तीय मामलों पर भाजपा का रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस समय पांच गुटों में बंटी हुई है, जिसके कारण वह एकजुट होकर प्रदेश के हितों की आवाज नहीं उठा पा रही।
सुक्खू ने कहा कि जब तक भाजपा एकमत नहीं होगी, तब तक वह प्रभावी विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पाएगी।
राजस्व घाटा अनुदान और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह मुद्दा हिमाचल के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस पर रचनात्मक सहयोग देना चाहिए, न कि केवल परंपराओं का हवाला देकर चर्चा को भटकाने की कोशिश करनी चाहिए।
सदन की कार्यवाही के क्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किस बिल या विषय पर पहले चर्चा होगी, यह विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों और नियमों के अनुसार तय होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सदन की गरिमा बनाए रखने और नियमों के तहत कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
प्रदेश के आर्थिक अधिकार, केंद्र-राज्य संबंध और वित्तीय संतुलन जैसे मुद्दे सत्र के आगामी दिनों में सदन की कार्यवाही के केंद्र में रहने की उम्मीद है।
