शिमला। प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्योग विभाग ने भारत औद्योगिक विकास योजना के अंतर्गत दो परियोजना प्रस्ताव उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), भारत सरकार को भेजे हैं।
पहले प्रस्ताव के तहत जिला सोलन के नालागढ़ स्थित मंझोली औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 150 एकड़ भूमि पर 154 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है।
यह पार्क बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) औद्योगिक क्षेत्र के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दूसरा प्रस्ताव जिला ऊना के टाहलीवाल के निकट बीटन औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 75 एकड़ भूमि पर 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक अन्य प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए भेजा गया है।
यह प्रस्तावित औद्योगिक पार्क हरोली, ऊना में विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क के निकट स्थित है और इसके लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी औद्योगिक तंत्र के रूप में कार्य करेगा।
भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की भारत औद्योगिक विकास योजना का उद्देश्य प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के माध्यम से विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, बहु-माध्यमीय संपर्क, विश्वसनीय उपयोगिता सेवाएं, डिजिटल प्रशासन प्रणाली, सतत विकास संबंधी सुविधाएं तथा श्रमिक हितैषी सुविधाओं से युक्त निवेश के लिए तैयार औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रावधान है। डीपीआईआईटी, भारत सरकार ने योजना के प्रथम चरण में 20 औद्योगिक पार्कों के लिए 31 जुलाई, 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए थे।
योजना के अंतर्गत स्वीकृत औद्योगिक पार्कों का क्रियान्वयन राज्य सरकार तथा राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास निगम (एनआईसीडीसी), भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राज्य सरकार सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे सतत आर्थिक विकास को गति मिले, गुणवत्तापूर्ण निवेश आकर्षित हो तथा युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हों।
उन्होंने कहा कि भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत भेजे गए ये प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाने तथा प्रदेश को निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रधान सचिव (उद्योग) एम सुधा ने बताया कि इन दो प्रस्तावों के अतिरिक्त विभाग राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक प्लग एंड प्ले आधारभूत संरचना युक्त औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए अन्य भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया में भी है।
उन्होंने कहा कि ये पहल औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करेंगी, कारोबार सुगमता को बढ़ावा देंगी तथा हिमाचल प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
उद्योग निदेशक विवेक भाटिया ने बताया कि इन औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
