सोलन। भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में गत दिनों 12 साल के बच्चे द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्चे की मां ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास अपने बयान दर्ज करवाए हैं। बच्चे की मां का कहना है कि गांव की तीन महिलाओं ने उसके बेटे को बेहरमी से पीटकर गौशाला में बंद कर दिया था।
इस घटना से आहत होकर उसने जहर निगल लिया और उसकी मौत हो गई। बच्चे की मां का आरोप है कि पिटाई की वजह बच्चे द्वारा उनके घर को छूना था। अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले बच्चे को घर को छूने पर बुरी तरह से यातनाएं दीं व उसने आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के जमाने में इस प्रकार की घटना अति निंदनीय है। इस मामले की गंभीर जांच होनी चाहिए और दोनों पक्षों को सुनते हुए असलियत को जनता के समक्ष लाना चाहिए। पुलिस को अपनी कार्यवाही निष्पक्ष एवं गंभीरता से करनी चाहिए।
आज के मॉर्डन जमाने में भी इस प्रकार की घटनाएं अगर होती हैं तो वह समाज की संकुचित मानसिकता को दर्शाता है। अब तो पहाड़ों में भी इस प्रकार के मंदिर बन गए हैं जहां हर जाति वर्ग के लोग भगवान के दर्शन कर सकते हैं। मासूम बच्चों को इस प्रकार की सामाजिक परेशानियों से दूर रखना चाहिए और ऐसे मामलों में सम्मिलित नहीं करना चाहिए।
प्रदेश में खनन माफिया का बोलबाला
भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खनन माफिया को खाकी का भी खौफ नहीं है। हिमाचल प्रदेश में खनन माफिया का बोलबाला चल रहा है, मानपुरा में खनन सामग्री से भरे जब्त टिपर को थाने ले जाने के बजाय चालक कहीं और ले गया।
यही नहीं, वाहन में सवार पुलिस जवान को रास्ते में ही धमकाकर उतार दिया। चालक खनन सामग्री को सड़क पर फेंकता चला गया।
जानकारी के अनुसार मानपुरा पुलिस बुधवार रात को गश्त पर थी। गश्त के दौरान पुलिस ने एक बिना नंबर प्लेट के टिपर को पकड़ा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो चुकी है और ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में जितना भी क्राइम हो रहा है उसको सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
हिमाचल प्रदेश सरकार एवं पुलिस को खनन माफिया को लेकर गंभीरता से काम करना चाहिए। जब हिमाचल प्रदेश की पुलिस की सुरक्षित नहीं है तो जनता क्या करेगी।
