नई दिल्ली। अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड ने अपने पहले इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड 130 रुपये से 138 रुपये तय कर दिया है।
कंपनी का यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ या इश्यू) सब्सक्रिप्शन के लिए मंगलवार, 23 जून को खुलेगा और गुरुवार, 25 जून को बंद हो जाएगा।
इन्वेस्टर कम से कम 100 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, और उसके बाद 100 इक्विटी शेयरों के मल्टीपल्स में ही दांव लगा पाएंगे।
आज की तारीख में कंपनी के कुल 3,38,42,000 इक्विटी शेयर आउटस्टैंडिंग हैं, जिनकी फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। इस आईपीओ के तहत 1,19,68,000 इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू (नए शेयर) जारी किए जा रहा हैं।
इस फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों में से 65 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की वर्किंग कैपिटल (रोजमर्रा के कामकाज के खर्च) की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

वहीं, 65 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी पर बकाया कुछ कर्जों को पूरा या आंशिक चुकाने के लिए होगा। बाकी बची रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (जनरल कॉर्पोरेट पर्पज) पर खर्च की जाएगी।
अद्वित ज्वेल्स भारत में रत्नों और गहनों के सबसे बड़े गढ़ राजस्थान के जयपुर में स्थित है। यह कंपनी पारंपरिक और आधुनिक, दोनों तरह के हाथ से बने बेहतरीन गहने बनाने और बेचने का काम करती है।
कंपनी खासतौर पर कुंदन, पोल्की, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) गहने बनाने के लिए जानी जाती है। इसका ब्रैंड नेम ‘रामभजो’ है।
कारीगरी में महारत और ग्राहकों की बदलती पसंद की गहरी समझ के दम पर कंपनी पारंपरिक तरीकों को आधुनिक डिज़ाइन्स के साथ जोड़ती है।
इससे ऐसे गहने तैयार होते हैं जो सदाबहार भी लगते हैं और आज के जमाने के भी। इनके गहने सदियों पुरानी तकनीकों से बनाए जाते हैं, लेकिन उनमें मॉडर्न डिज़ाइन के एलिमेंट्स भी शामिल किए जाते हैं।
यही वजह है कि हर प्रोडक्ट न सिर्फ खूबसूरत दिखता है, बल्कि उसमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी झलकती है। इसका नतीजा यह होता है कि गहने बेहद खूबसूरत, खास और क्लासिक व मॉडर्न दोनों तरह की पसंद के लोगों को अच्छे लगते हैं।
डिज़ाइन में नयापन और कस्टमाइजेशन कंपनी की सबसे बड़ी ताकत है। यह ग्राहकों को उनकी खास पसंद, सांस्कृतिक महत्व और मार्केट ट्रेंड्स के हिसाब से गहने तैयार कराने की सुविधा देती है।
ब्राइडल कलेक्शन से लेकर रोज़मर्रा में पहने जाने वाले लग्ज़री गहनों तक, कंपनी के प्रोडक्ट्स भारतीय बाजारों के हर तरह के ग्राहकों की पसंद को पूरा करते हैं।
क्वालिटी, शुद्धता और ग्राहकों की संतुष्टि के वादे के साथ कंपनी यह पक्का करती है कि उसका हर प्रोडक्ट बेहतरीन कारीगरी, सावधानी से चुने गए मटेरियल और पारंपरिक कला की गहरी समझ को बयां करे।
कंपनी के प्रोडक्ट्स में नेकलेस, ईयररिंग्स, रिंग्स, चूड़ियां और कस्टमाइज्ड ज्वेलरी शामिल हैं। कंपनी मुख्य रूप से सोने, हीरे और रंगीन पत्थरों का इस्तेमाल करती है और कुंदन व पोल्की के काम के लिए काफी मशहूर है।
कंपनी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की कला शैलियों को मिलाकर हर दिन कुछ नया इनोवेट और डिज़ाइन करती है। इनका हर डिज़ाइन अपने आप में अनोखा होता है और इसे दोबारा नहीं दोहराया जाता। ग्राहकों की पसंद के हिसाब से कंपनी के प्रोडक्ट्स 14 कैरेट और 18 कैरेट दोनों तरह के सोने में डिज़ाइन किए जाते हैं।
कंपनी बड़े पैमाने पर B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) मॉडल पर काम करती है, यानी यह डीलर्स, शोरूम और ज्वेलरी रिटेलर्स को सप्लाई करती है। इसके साथ ही, खास और ऑर्डर पर बनने वाले गहनों के लिए कंपनी B2C (बिजनेस-टू-कस्टमर) ग्राहकों को भी अपनी सेवाएं देती है।
कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 6,450 वर्ग फीट के बिल्ट-अप एरिया में फैली है। यह लीज पर ली गई जगह है, जिसका पूरा रख-रखाव कंपनी खुद करती है।
कंपनी की इस फैक्ट्री में सुरक्षा के सख्त मानकों का पालन किया जाता है और यह 3D प्रिंटर, कास्टिंग यूनिट्स और पॉलिशिंग मशीनों जैसी आधुनिक मशीनों से पूरी तरह लैस है।
कंपनी का यह सेटअप इस तरह तैयार किया गया है कि कच्चे सोने की प्रोसेसिंग से लेकर प्रोडक्ट की फाइनल फिनिशिंग तक, प्रोडक्शन का पूरा काम एक ही छत के नीचे हो जाता है।
बढ़ती मांग और प्रोडक्शन वॉल्यूम को पूरा करने के लिए कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। फिलहाल राजस्थान के जयपुर में कंपनी का एक फ्लैगशिप स्टोर बन रहा है।
पूरी प्रोडक्शन प्रोसेस को एक ही छत के नीचे सेंट्रलाइज्ड करने से कंपनी का कामकाज बेहतर ढंग से होता है, क्वालिटी पर सख्त कंट्रोल रहता है और ऑर्डर तैयार होने में कम समय लगता है।
गहने बनाने की पूरी प्रक्रिया जैसे सोना पिघलाना, शीट और चेन बनाना, नग जड़ना, पॉलिशिंग और क्वालिटी की जांच – सब कुछ कंपनी के अंदर ही किया जाता है।
कंपनी के कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा कुशल कारीगरों का है और हर एक गहना बाजार में जाने से पहले कई लेवल की क्वालिटी जांच से गुजरता है।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई 9 महीने की अवधि में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 123.79 करोड़ रुपये रहा और इसका नेट प्रॉफिट 25.44 करोड़ रुपये था।
होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड इस ऑफर के रजिस्ट्रार हैं।
यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए लाया जा रहा है। इसमें नेट ऑफर का अधिकतम 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, कम से कम 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NII) के लिए और कम से कम 35% हिस्सा रिटेल इंडिविजुअल बिडर्स (आम निवेशकों) के लिए तय किया गया है।
