शिमला। हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज विधानसभा में अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करते हुए 2026-27 के लिए बजट अनुमानों को पेश किया।
सीएम सुक्खू तकरीबन 11 बजे अपने सहयोगियों के साथ विधानसभा परिसर पहुंचे। इस बार वह अपनी आल्टो कार की बजाए इलेक्ट्रिक कार में विधानसभा आए। इसके बाद वह बजट की अटेची के साथ विधानसभा के अंदर दाखिल हुए।
बजट की शुरुआत सीएम ने आरडीजी के मुद्दे से की। इसके कुछ शब्दों पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और इसके बाद भाजपा के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे।
जब भाजपा के विधायक विधानसभा अध्यक्ष के काफी समझाने के बाद भी शांत नहीं हुए तो अध्यक्ष ने सदन को 15 मिनटों के लिए स्थगित करने की घोषणा की लेकिन बाद में उन्होंने अपने इस निर्णय को रिव्यु करते हुए सदन चलाते रहने का फैसला लिया।
भाजपा के विधायक दोबारा नारेबाजी करते हुए विधानसभा के वेल में पहुंच गए। विपक्ष की नारेबाजी के बीच सीएम बजट पढ़ते रहे।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों से उनके स्थान ग्रहण का आग्रह किया और उनके ऐसा करने के उपरांत विपक्ष द्वारा इंगित किये विवादित शब्द को कार्यवाही से हटाने की व्यवस्था दी।
मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उन्होंने 54928 करोड़ का बजट पेश किया। आरडीजी बंद होने के कारण प्रदेश के बजट का आकार इस मर्तबा कम हुआ है।
वित्त वर्ष 2025-26 में 58 हज़ार 514 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था। इस तरह वर्ष 2026–27 का बजट पिछले वर्ष 2025–26 की तुलना में 3,586 करोड़ रुपए कम है।
बजट में राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा की गई। वहीं प्राकृतिक खेती से उगाए गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़कर 80 प्रति किलोग्राम, मक्का का 40 से 50, जौ का 60 से 80, हल्दी का 90 से 150 और पहली बार अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलो किया गया। 1 लाख अति गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना शुरू की जाएगी।
इन परिवारों को 300 यूनिट फ्री बिजली और इन परिवारों में महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की भी घोषणा की गई।
