बेंगलुरू में 11वें राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ भारत क्षेत्र सम्मेलन का हुआ समापन, पठानिया ने कहा सम्मेलन में हुए मंथन चिंतन से निकलेंगे आशातीत परिणाम

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बेंगलुरू: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में आयोजित तीन दिवसीय 11वें राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ भारत क्षेत्र सम्मेलन का समापन हो गया।

समापन समारोह की अध्यक्षता कर्नाटक के राज्यपाल थावर चन्द गहलोत ने की जबकि समापन समारोह के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस अवसर पर अपना सम्बोधन दिया।

कर्नाटक विधान परिषद सभापति बसवराज होराट्टी तथा कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष युटी खादर फरीद ने सम्मेलन में शामिल हुए सभी राज्यों विधानमण्डलों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, सचिवों तथा अन्य अतिथियों का धन्यवाद किया तथा कार्यक्रम की शोभा बढाने एवं सम्मेलन में चर्चा एवं संवाद के लिए लाए गए विषय पर अपने बहुमुल्य सुझावों तथा विचारों को सांझा करने पर आभार प्रकट किया।

पठानिया ने कहा कि इस पूर्ण सत्र की चर्चाएं भारत
की विधायी प्रक्रियाओं में वाद-विवाद और विमर्श के चिरस्थायी महत्व का प्रमाण थी, जिन्होंने जनता की अकांक्षाओं को पूरा करने और लोकतान्त्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने में सिद्वांतो के महत्व की पुष्टि की।
विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तथा विधान सभा उपाध्यक्ष विनय कुमार कर्नाटक विधानसभा द्वारा सुबह बेंगलौर टर्फ क्लब में आयोजित घुड़दौड, प्रदर्शनी कार्यक्रम में भी शामिल हुए तथा बेहतरीन आयोजनके लिए कर्नाटक विधान सभा अध्यक्ष को बधाई दी।

विधान सभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर घुड़दौड प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आयोजकों द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया।

निर्धारित सत्र खत्म होने के बाद कर्नाटक विधान सभा डिजिटल/ सोशल मिडिया प्रतिनिधियों से अनौपचारिक वार्ता करते हुए पठानिया ने कहा कि कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू भारत के सबसे जीवंत और विविधतापूर्ण महानगरों में से एक है।

पठानिया ने कहा कि यह शहर एक गतिशील शहरी केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है जो अपनी विरासत और आधुनिकता के लिए प्रसिद्व है।

लाल बाग और कब्बन पार्क जैसे हरे-भरे पार्कों के लिए इसे भारत का उद्यान शहर और देश की सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति में अपनी अग्रणी भूमिका के लिए भारत सिलीकॉन वैली के रूप में जाना जाता है।
पठानिया ने कहा कि बेंगलुरू भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और कई प्रमुख विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केन्द्रों सहित प्रतिष्ठित और शैक्षणिक संस्थानों का शहर है।

बेंगलुरू एयरोस्पेस, बायोटेक्नोलॉजी और स्टार्ट-अप उद्यमों का भी हव है, जो भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

साथ ही यह शहर एक समृद्व सांस्कृतिक ताना-बाना संजोए हुए है, जिसमें टीपू सुल्तान का ग्रीष्मकाल महल, बेंगलुरू किला जैसे ऐतिहासिक स्थल और विधान सौध और बेंगलुरू पैलेस जैसे प्रतिष्ठित आधुनिक स्थल शामिल हैं।

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